प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, सोमवार को 12:15 बजे होगी स्कूलों में छुट्टी; कई जिलों में 12 अगस्त तक बंद रहेंगे संस्थान
Major decision by the state government: schools to close at 12:15 PM on Monday; institutions in several districts to remain shut until August 12.

प्रदेश में चल रही कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
सोमवार को दोपहर 12:15 बजे ही हो जाएगी छुट्टी
राज्य सरकार द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, सोमवार को उत्तर प्रदेश के स्कूलों में नियमित कक्षाओं के संचालन के बजाय दोपहर 12:15 बजे ही छुट्टी कर दी जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ और ट्रैफिक डायवर्जन के बीच विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा जोखिम से बचाना है।
4 से 12 अगस्त तक कई जिलों में स्कूल-कॉलेज पूरी तरह बंद
प्रशासन द्वारा पहले से जारी आदेश के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अत्यधिक प्रभावित जिलों में 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लागू है।
- कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं: नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल।
- शिक्षा बोर्ड: बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड), सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और मदरसा बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालय इस दायरे में आते हैं।
- उच्च शिक्षण संस्थान: सरकारी व निजी कॉलेज, विश्वविद्यालय (Universities) और तकनीकी संस्थान (Technical Institutes) भी बंद रहेंगे।
पहले से तय परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा असर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छुट्टियों के आदेश के कारण पूर्व निर्धारित परीक्षाओं का कार्यक्रम प्रभावित नहीं होगा। जिन कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं पहले से शेड्यूल हैं, वे अपने तय समय-सारणी के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।
इन जिलों में विशेष सतर्कता और पाबंदियां
कांवड़ यात्रियों की भारी आवाजाही वाले जिलों—जैसे मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और मेरठ आदि—में शैक्षणिक संस्थाओं को बंद रखने के निर्देश सख्ती से लागू हैं।
गौरतलब है कि श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो चुकी है और 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि का मुख्य पर्व है। इस दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का आवागमन चरम पर रहता है, जिसे देखते हुए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है और स्थिति पर निरंतर नजर बनाई जा रही है।







