झारखंड में शिक्षकों को बड़ी राहत: परिकल्पित नियुक्ति तिथि मानकर ग्रेड-2 में प्रोन्नति को मंजूरी

Jharkhand teachers get major relief: Promotion to Grade 2 approved based on assumed appointment date

झारखंड सरकार ने 2003 में चयनित शिक्षकों को महत्वपूर्ण राहत देते हुए उनकी परिकल्पित नियुक्ति तिथि 22 दिसंबर 2003 मानकर ग्रेड-2 में प्रोन्नति की स्वीकृति दे दी है। हालांकि इस अवधि के लिए कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन वरीयता और सामान्य भविष्य निधि का लाभ दिया जाएगा।
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चाईबासा। झारखंड सरकार ने राज्य के प्रारंभिक शिक्षकों के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए वर्ष 2003 में चयनित शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान की है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड के सचिव के 04 फरवरी 2021 के संकल्प पत्र व प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, झारखंड द्वारा 29 अगस्त 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर यह निर्णय लागू किया गया है। आपको बता दें कि अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसे लेकर कई बार मांग पत्र सौंपा था।

झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक शिक्षक चयन प्रतियोगिता 2003 के प्रथम अनुशंसा के आधार पर चयनित ऐसे शिक्षक, जिनकी नियुक्ति 22 दिसंबर 2003 के बाद और 1 दिसंबर 2004 के पूर्व हुई थी, उन्हें परिकल्पित (नोटेशनल) नियुक्ति तिथि 22 दिसंबर 2003 मानने का लाभ दिया जाएगा।

असमंजस की स्थिति हुई खत्म
इस फैसले का सीधा लाभ उन शिक्षकों को मिलेगा जो वर्षों से अपनी वरीयता और पदोन्नति को लेकर असमंजस की स्थिति में थे। अब उन्हें इस परिकल्पित तिथि के आधार पर वरिष्ठता का लाभ मिलेगा और उन्हें ग्रेड-2 में प्रोन्नति की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

इन शर्तों के साथ मिलेगा लाभ
हालांकि, सरकार ने इस निर्णय के साथ कुछ शर्तें भी लागू की हैं। स्पष्ट किया गया है कि परिकल्पित नियुक्ति तिथि (22 दिसंबर 2003) से लेकर वास्तविक योगदान की तिथि तक की अवधि के लिए किसी प्रकार का आर्थिक लाभ देय नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि शिक्षकों को केवल वरीयता और पदोन्नति का लाभ मिलेगा, लेकिन वेतन या एरियर का भुगतान नहीं किया जाएगा।

इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि सामान्य भविष्य निधि (GPF) और अन्य वरीयता संबंधी लाभ 22 दिसंबर 2003 से ही मान्य होंगे। इससे शिक्षकों की सेवा अवधि और भविष्य की गणनाओं में उन्हें लाभ मिलेगा।

संघ की महत्वपूर्ण भूमिका
इस निर्णय के पीछे अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की लंबे समय से की जा रही मांग और प्रयासों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संघ लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा था, जिसके बाद सरकार ने इस पर सकारात्मक निर्णय लिया।शिक्षा विभाग के इस फैसले को राज्य के शिक्षकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ होगा, बल्कि उनकी सेवा शर्तों में भी स्पष्टता आएगी।

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