शराब पीकर 7 मरे : इलाके में मचा कोहराम, शराब पीने के बाद अब तक 7 लोगों की मौत, कईयों की हालत नाजुक, 20 अस्पताल में भर्ती
7 dead after consuming alcohol: Chaos in the area, 7 people dead so far after consuming alcohol, many in critical condition, 20 hospitalized

जहरीली शराब पीने से तीन दिनों में 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने मेथनॉल युक्त स्प्रिट से बनी अवैध शराब के नेटवर्क का खुलासा किया है और कई आरोपियों की तलाश जारी है।
________________________________________
Crime News: जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने पूरे जिले में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। ये घटना बिहार के मोतिहारी जिले में घटी है।
जिला प्रशासन के अनुसार, रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में गुरुवार से इस त्रासदी की शुरुआत हुई, जब 2 लोगों की मौत हुई। इसके बाद शुक्रवार को 3 और शनिवार को 2 अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान चंदू कुमार, प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी, हीरालाल भगत, लालकिशोर राय, संपत साह और लड्डू साह के रूप में हुई है।
मामले की पुष्टि करते हुए सौरभ जोरवाल ने बताया कि फिलहाल सदर अस्पताल में 20 लोग भर्ती हैं, जिनमें से 14 की स्थिति बेहद गंभीर है। इसके अलावा 6 लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है, जो इस जहरीली शराब के खतरनाक प्रभाव को दर्शाता है। प्रशासन ने गांव में माइकिंग कर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
लोगों से अपील की जा रही है कि 1 से 3 अप्रैल के बीच जिन लोगों ने शराब का सेवन किया है, वे तुरंत अस्पताल जाकर जांच कराएं, क्योंकि इस जहरीली शराब के सेवन से अंधापन और मौत दोनों का खतरा है।पुलिस जांच में इस पूरे मामले की जड़ पिपराकोठी थाना क्षेत्र तक पहुंची है। जानकारी के मुताबिक, कन्हैया और राजा नामक तस्करों ने मेथनॉल युक्त स्प्रिट की बड़ी खेप मंगवाई थी।
मेथनॉल एक अत्यंत घातक रसायन है, जिसका उपयोग औद्योगिक कार्यों में होता है, लेकिन इसे अवैध शराब बनाने में मिलाकर बाजार में बेचा गया।स्थानीय पुलिस ने ‘डेथ कॉकटेल’ नाम से बेचे जा रहे इस जहरीले मिश्रण के नेटवर्क का खुलासा किया है।
जांच में सामने आया है कि इस स्प्रिट को बिचौलियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में छोटे विक्रेताओं तक पहुंचाया गया, जहां इसे सस्ती दर—50 से 60 रुपये प्रति लीटर—में बेचा जा रहा था।इस संगठित नेटवर्क में कई स्तर के तस्कर शामिल थे, जिनमें खलीफा, सुनील शाह, नागा राय और जम्मू बैठा जैसे नाम सामने आए हैं।









