दिल्ली में फिर भड़क सकता है विरोध का माहौल! 20 अक्टूबर तक CAPF तैनाती बढ़ाने की तैयारी, जंतर-मंतर से संसद भवन तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

संभावित प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय से 273 कंपनियों को राजधानी में बनाए रखने का अनुरोध किया; चुनाव आयोग, इंडिया गेट और संसद भवन सहित कई संवेदनशील स्थानों पर प्रदर्शन की आशंका जताई गई।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनाए रखने की तैयारी है। दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती 20 अक्टूबर तक जारी रखने का अनुरोध किया है। पुलिस के मुताबिक, विभिन्न संगठनों के संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में निर्धारित समयसीमा के बाद भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रखने की मांग की गई है।

301 कंपनियों की तैनाती को मिली थी मंजूरी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में CAPF की कुल 301 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 221 कंपनियों को 6 अक्टूबर और 80 कंपनियों को 8 अक्टूबर को मंजूरी मिली थी। दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर की निर्धारित समयसीमा के बाद भी 273 कंपनियों को राजधानी में बनाए रखने का अनुरोध किया है।

पुलिस ने अपने पत्र में कहा है कि संभावित प्रदर्शनों के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय बलों की मौजूदगी जरूरी है। हालांकि, तैनाती की अवधि बढ़ाने के अनुरोध पर गृह मंत्रालय की अंतिम मंजूरी की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

जंतर-मंतर से संसद भवन तक प्रदर्शन की आशंका

दिल्ली पुलिस ने अपने अनुरोध में CJP और अन्य संगठनों के संभावित प्रदर्शनों का उल्लेख किया है। इसके अलावा भीम आर्मी, छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जाने की आशंका भी जताई गई है।

पत्र के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के संभावित निशाने पर जंतर-मंतर, चुनाव आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट जैसे महत्वपूर्ण स्थान हो सकते हैं। इसके साथ ही मंत्रियों के कार्यालयों और आवासों के बाहर भी प्रदर्शन की आशंका व्यक्त की गई है। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने गृह मंत्रालय से 20 अक्टूबर तक CAPF की तैनाती जारी रखने का अनुरोध किया है।

28 कंपनियों के नहीं पहुंचने से तैनाती पर दबाव

रिपोर्ट के अनुसार, 8 अक्टूबर को मंजूरी मिली 80 अतिरिक्त कंपनियों में से 28 कंपनियां 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट नहीं कर पाई थीं। ऐसे में राजधानी में उपलब्ध सुरक्षा बलों की संख्या और उनकी तैनाती को लेकर चुनौती सामने आई। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस ने 273 कंपनियों को अतिरिक्त समय तक दिल्ली में बनाए रखने की मांग की है।

चुनाव आयोग को लेकर विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र

दिल्ली में चुनाव आयोग में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया गया है। खबर के अनुसार, इंडिया गठबंधन के नेताओं ने हाल ही में सड़क पर उतरकर विरोध जताया था। इसके बाद जंतर-मंतर पर CJP से जुड़े नेताओं की ओर से भी प्रदर्शन का प्रयास किए जाने की बात सामने आई।

रिपोर्ट में सौरभ दास और आशुतोष रांका सहित कई लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का भी जिक्र है। हालांकि, इन घटनाओं के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल, दिल्ली पुलिस की ओर से CAPF की तैनाती बढ़ाने का अनुरोध संभावित प्रदर्शनों और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के मद्देनजर किया गया है। अब इस मामले में गृह मंत्रालय के निर्णय और राजधानी में सुरक्षा बलों की आगे की तैनाती पर नजर रहेगी।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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