दीपावली-छठ पर घर लौटना हुआ महंगा! ट्रेन में कंफर्म सीट गायब, फ्लाइट का किराया 31 हजार के पार, रांची आने के लिए देने पड़ रहे मोटे पैसे
त्योहारों के दौरान झारखंड लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बेंगलुरु से रांची का एकतरफा हवाई किराया करीब 31 हजार रुपये तक दर्ज किया गया, जबकि मुंबई और दिल्ली से आने वालों को भी सामान्य दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

रांची। दीपावली और छठ महापर्व पर अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटने की तैयारी कर रहे झारखंडवासियों को इस बार महंगी यात्रा का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है, तो दूसरी ओर हवाई किराये में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। बेंगलुरु से रांची आने का एकतरफा विमान किराया करीब 31 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वहीं मुंबई और दिल्ली से रांची आने वाले यात्रियों को भी सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा किराया चुकाना पड़ रहा है।
त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या ने ट्रेन और विमान, दोनों के टिकटों की मांग बढ़ा दी है। खासकर बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और दिल्ली जैसे शहरों से रांची आने वाली उड़ानों में यात्रियों का दबाव बढ़ने के कारण किराये में तेजी आई है।
बेंगलुरु से रांची का टिकट 30,999 रुपये तक
7 नवंबर की यात्रा के लिए दर्ज किराये के अनुसार, बेंगलुरु से रांची का एकतरफा विमान टिकट 30,999 रुपये तक पहुंच गया था। इसी तरह मुंबई से रांची का किराया 26,693 रुपये और दिल्ली से रांची का किराया 20,968 रुपये तक दर्ज किया गया। सामान्य दिनों में इन मार्गों पर शुरुआती किराया इससे काफी कम रहता है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बेंगलुरु से रांची का शुरुआती किराया 7,554 रुपये था, जो त्योहारी सीजन में बढ़कर 30,999 रुपये तक पहुंच गया। मुंबई मार्ग पर शुरुआती किराया 7,401 रुपये से बढ़कर 26,693 रुपये और दिल्ली मार्ग पर 6,413 रुपये से बढ़कर 20,968 रुपये तक दर्ज किया गया। हालांकि, वास्तविक किराया बुकिंग के समय और उपलब्ध सीटों के हिसाब से बदल सकता है।
सीटें कम होते ही बढ़ जाता है विमान का किराया
हवाई टिकटों की कीमतों में उछाल की एक बड़ी वजह विमानन कंपनियों की डायनेमिक प्राइसिंग व्यवस्था है। इस प्रणाली के तहत टिकटों की कीमत मांग और उपलब्ध सीटों के आधार पर बदलती रहती है। कम कीमत वाली सीटें बिक जाने के बाद बची हुई सीटें अधिक किराये पर उपलब्ध होती हैं।
त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक ही समय पर यात्रा करना चाहते हैं। ऐसे में सस्ते टिकट जल्दी खत्म हो जाते हैं और आखिरी समय में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा कुछ मार्गों पर सीधी उड़ानों के सीमित विकल्प भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। कनेक्टिंग फ्लाइट लेने पर यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ने की संभावना रहती है।
ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं, फ्लाइट का किराया बजट से बाहर
त्योहारी सीजन में घर लौटने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यात्रा का खर्च बन गया है। लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना कठिन है और वेटिंग टिकट के भरोसे यात्रा करना भी आसान नहीं है। दूसरी ओर, विमान का किराया आम परिवारों के बजट पर भारी पड़ रहा है।
इसका अंदाजा बेंगलुरु से रांची आने वाले चार सदस्यों के परिवार के खर्च से लगाया जा सकता है। यदि एक टिकट का किराया करीब 30 हजार रुपये हो, तो चार लोगों को केवल एकतरफा यात्रा के लिए लगभग 1.20 लाख रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। वापसी की यात्रा का खर्च इसमें शामिल नहीं है।
प्रमुख शहरों से रांची आने का किराया कई गुना बढ़ा
त्योहारी सीजन में दर्ज किराये और सामान्य दिनों के शुरुआती किराये की तुलना इस प्रकार है:
| यात्रा मार्ग | शुरुआती किराया | त्योहारी किराया | अनुमानित वृद्धि |
|---|---|---|---|
| बेंगलुरु-रांची | 7,554 रुपये | 30,999 रुपये | 310 प्रतिशत |
| मुंबई-रांची | 7,401 रुपये | 26,693 रुपये | 261 प्रतिशत |
| दिल्ली-रांची | 6,413 रुपये | 20,968 रुपये | 227 प्रतिशत |
अलग-अलग तारीखों के लिए दर्ज कुछ अन्य किराये भी यात्रियों की परेशानी दिखाते हैं। 5 नवंबर को मुंबई से रांची का किराया करीब 21,600 रुपये और चेन्नई से रांची का किराया 14,500 रुपये दर्ज किया गया। 6 नवंबर को मुंबई से रांची का किराया 25,500 रुपये और पुणे से रांची का किराया 22,000 रुपये तक बताया गया।
वहीं 7 नवंबर के लिए पुणे से रांची का किराया करीब 25,200 रुपये और हैदराबाद से रांची का किराया 18,500 रुपये दर्ज किया गया। बेंगलुरु से रांची के लिए इसी तारीख पर अलग-अलग बुकिंग जांच में किराये के आंकड़ों में अंतर सामने आया। विमान किराये में सीटों की उपलब्धता और बुकिंग के समय के कारण बदलाव होता रहता है।
त्योहार पर घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों की बढ़ी चिंता
दीपावली और छठ झारखंड के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में शामिल हैं। इन मौकों पर दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोग बड़ी संख्या में अपने घर लौटते हैं। लेकिन इस बार टिकटों की कमी और हवाई किराये में भारी उछाल ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
अब यात्रियों के सामने सीमित विकल्प हैं। किसी को ट्रेन में कंफर्म सीट का इंतजार है, तो किसी को महंगे हवाई टिकट खरीदकर घर लौटने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए इस बार घर वापसी जेब पर भारी पड़ती नजर आ रही है।









