झारखंड विमान हादसे की पूरी कहानी: पायलट ने की थी आखिरी कॉल कोलकाता ATC को… डाक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ सहित 7 लोग थे सवार, शाम 7.34 बजे….

The full story of the Jharkhand plane crash: The pilot made the last call to Kolkata ATC... 7 people were on board, including a doctor and paramedical staff, at 7:34 pm....

रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई एक चार्टर्ड एयर एम्बुलेंस फ्लाइट के क्रैश होने के मामले में नया अपडेट सामने आया है। चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के करमाटांड़ गांव के पास घने जंगलों में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उस विमान में मरीज सहित कुल 7 लोग सवार थे।
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Ranchi Plane Crash/24.2.26। विमान दुर्घटना से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आयी है। जानकारी ये मिल रही है कि उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद प्लैन का संपर्क कंट गया। जिसके बाद दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एयर एम्बुलेंस फ्लाइट चतरा जिले के घने जंगलों में क्रैश हो गई। इस घटना की पुष्टि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक ने की है।

जानकारी के अनुसार, यह चार्टर्ड विमान (एयर एम्बुलेंस) दोपहर 1:37 बजे रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। फ्लाइट का निर्धारित आगमन समय शाम 4:30 बजे बताया गया था। हालांकि, उड़ान के कुछ समय बाद ही विमान का संपर्क रडार से टूट गया, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल में हलचल मच गई।

टेकऑफ के बाद मेडिकल फ्लाइट का संपर्क अगले स्टेशन से स्थापित हुआ था और नियंत्रण भी विधिवत अगले स्टेशन को सौंप दिया गया था। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद विमान से संपर्क पूरी तरह टूट गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद विमान का रांची एयरपोर्ट से भी कोई संपर्क नहीं हो सका।

हादसे की सूचना मिलते ही चतरा जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। चतरा जिला के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीणों से विमान दुर्घटना की सूचना मिली है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें घटनास्थल की ओर रवाना हो चुकी हैं।

प्रशासन के अनुसार, विमान सिमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत करमाटांड़ गांव के पास स्थित घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। यह इलाका अत्यंत दुर्गम और घने वन क्षेत्र से घिरा हुआ है, जिसके कारण राहत एवं बचाव कार्य में गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, विमान एक मेडिकल फ्लाइट थी, जो एक गंभीर मरीज को लेकर दिल्ली जा रही थी। विमान में कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें 1 मरीज, 1 डॉक्टर, 1 पैरामेडिक, 2 अटेंडेंट (मरीज के परिजन), 1 मुख्य पायलट (PIC) और 1 को-पायलट शामिल थे।

फिलहाल, विमान में सवार सभी व्यक्तियों की स्थिति के संबंध में आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन ने कहा है कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही स्थिति का सही आकलन किया जा सकेगा।इस बीच, नागरिक उड्डयन नियामक संस्था DGCA के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि चार्टर विमान के रडार से गायब होने की सूचना राज्य सरकार को दे दी गई थी।

DGCA ने जारी किया बयान

डीजीसीए ने बताया कि, ’23 फरवरी को रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट सी90 विमान रांची-दिल्ली रूट पर एयर एम्बुलेंस उड़ान संचालित कर रहा था, जो झारखंड के चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें चालक दल के दो सदस्यों सहित सात लोग सवार थे. विमान ने भारतीय समयानुसार 19:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी. कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद, भारतीय समयानुसार 19:34 बजे विमान का कोलकाता से संपर्क और रडार संपर्क दक्षिण-पूर्व वाराणसी में टूट गया. जिला प्रशासन की टीम घटनास्थल पर मौजूद है और जांच के लिए (AAIB) की टीम को भेजा जा रहा है. आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

बरामद हुआ मलबा
सिमरिया थाना क्षेत्र के खासियातू करमटांड़ जंगल में संदिग्ध धातु का मलबा बरामद हुआ है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. प्रारंभिक चर्चा में एयर एम्बुलेंस के क्रैश होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मौके से मिले मलबे में प्रोपेलर और इंजन जैसे हिस्से दिखाई दे रहे हैं. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम जांच में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक रांची से दिल्ली जा रहे एक प्राइवेट विमान का उड़ान के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. विमान ने रांची एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी. उड़ान के दौरान विमान का अंतिम संपर्क शाम 7:34 बजे अटाली इलाके के पास हुआ. इसके बाद विमान से कोई रेडियो संपर्क नहीं हो सका पायलट की आखिरी बातचीत कोलकाता क्षेत्र के ATC UKW VECC (VHF फ्रीक्वेंसी 132.25 MHz) से हुई थी।

वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (VEBN) के अनुसार VT-AJV उनके एयरस्पेस में प्रवेश के बाद संपर्क में नहीं आया. इसके बाद विमान की लोकेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी. संपर्क टूटने के करीब आधे घंटे बाद रेस्क्यू को-ऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) को रात 8:05 बजे सक्रिय कर दिया गया. इसके बाद सर्च और रेस्क्यू से जुड़ी प्रक्रिया शुरू की गई।

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