जमशेदपुर में JNU विवाद की आग सड़कों तक पहुंची! कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में पत्थरबाजी और लाठियां चलीं, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; विधायक पूर्णिमा साहू धरने पर बैठीं
बिष्टुपुर के चुना बाबा मजार के पास नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदला। भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं और कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के घायल होने की जानकारी, कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात।

जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में सोमवार को कांग्रेस और भाजपा के नेता-कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। बिष्टुपुर स्थित चुना बाबा मजार के पास शुरू हुई नारेबाजी देखते ही देखते तनावपूर्ण झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और लाठियां चलने की घटना सामने आई, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के सिर में चोट लगने, जबकि कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
JNU प्रकरण को लेकर आमने-सामने आए दोनों दल
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की पृष्ठभूमि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े एक प्रकरण को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन था। रिपोर्ट के मुताबिक, JNU के एक प्रोफेसर पर छात्रा के यौन शोषण के आरोप लगे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के बाद प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की है। इन आरोपों को लेकर भाजपा और महिला भाजपा मोर्चा की ओर से देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जमशेदपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जी टाउन मैदान से मार्च निकाला और बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय की ओर पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हुई और कुछ ही देर में माहौल बिगड़ गया।
नारेबाजी से पत्थरबाजी और लाठी चलने तक पहुंचा मामला
प्रत्यक्ष घटनाक्रम के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद विवाद बढ़ता गया और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी तथा लाठियां चलने की घटना हुई। झड़प के दौरान कई लोगों को चोटें आईं।
भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के सिर में चोट लगने की सूचना है, जबकि कांग्रेस का एक कार्यकर्ता भी घायल बताया गया है। हालांकि, विवाद की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई और हिंसा किन परिस्थितियों में भड़की, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के लाठीचार्ज के बाद दोनों पक्षों को किया गया अलग
स्थिति बिगड़ने पर मौके पर तैनात पुलिस जवानों ने हस्तक्षेप किया। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे से दूर करने और हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद कांग्रेस मुख्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि दोबारा टकराव की स्थिति पैदा न हो।
पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहा है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाकर शांति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
विधायक पूर्णिमा साहू धरने पर बैठीं, आधे घंटे बाद हटाया धरना
घटना के बाद भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू मौके पर धरने पर बैठ गईं। उनके धरने पर बैठने से घटनास्थल पर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया। हालांकि, करीब आधे घंटे बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
JNU प्रकरण को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब जमशेदपुर में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे टकराव में बदल गया। फिलहाल पुलिस की निगरानी में स्थिति नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है। घटना के कारणों और झड़प के दौरान हुई गतिविधियों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









