झारखंड: मजदूर का बेटा बना साइबर ठगी का ‘गुरु’! 60 से ज्यादा युवाओं का नेटवर्क, फर्जी APK से चलता था करोड़ों का खेल

Deoghar Cyber Crime: कभी परिवार चलाने के लिए मजदूरी पर निर्भर था घर, फिर साइबर अपराध की दुनिया में उतरा मनीष; युवाओं को जोड़कर बनाया कथित ठगी का नेटवर्क, पुलिस के हाथ लगी अहम कड़ी

देवघर। झारखंड का देवघर लंबे समय से साइबर ठगी के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। अब साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई में एक ऐसे आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जिस पर कथित तौर पर बड़े साइबर ठगी नेटवर्क को संचालित करने का आरोप है।

पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगी के मामले में करीब आधा दर्जन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इनमें सारठ थाना क्षेत्र के पथरड्डा ओपी अंतर्गत उबिया गांव निवासी मनीष कुमार भी शामिल है।

पुलिस जांच और सूत्रों के मुताबिक, मनीष पिछले करीब सात-आठ वर्षों से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और धीरे-धीरे उसने कथित तौर पर अपना एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया।

मजदूरी करने वाले पिता का बेटा, फिर बदल गई जिंदगी

बताया जाता है कि मनीष का परिवार कभी आर्थिक रूप से काफी कमजोर था। उसके पिता मजदूरी करते थे और परिवार के पास खेती के लिए भी बहुत कम जमीन थी। परिवार के बीपीएल श्रेणी में होने की बात भी सामने आई है।

आरोप है कि साइबर ठगी के धंधे में आने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदल गई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में गांव में उसका सुविधाओं से युक्त मकान और कई वाहन हैं। इसके अलावा देवघर, दुमका, दुर्गापुर और कोलकाता में भी संपत्ति होने की जानकारी पुलिस को मिली है। हालांकि इन संपत्तियों और उनकी आय के स्रोतों की विस्तृत जांच की जा रही है।

फर्जी APK के जरिए लोगों को निशाना बनाने का आरोप

पुलिस जांच में मनीष पर फर्जी APK फाइल तैयार करने और उसके जरिए साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि उसने पहले खुद इस तरह की गतिविधियों के तौर-तरीके सीखे और बाद में दूसरे युवाओं को अपने साथ जोड़ना शुरू किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके कथित नेटवर्क में 60 से अधिक युवक जुड़े हुए थे। ये युवक सारठ, पथरड्डा, पथरौल और मधुपुर थाना क्षेत्रों के अलग-अलग गांवों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

युवाओं को जोड़कर बनाया पूरा नेटवर्क

आरोप है कि मनीष अपने नेटवर्क से जुड़े युवाओं को संदिग्ध APK फाइल और मोबाइल नंबरों की सूची उपलब्ध कराता था। इसके बाद नेटवर्क में शामिल लोग कथित तौर पर लोगों को ऐसी फाइलें भेजकर उनके मोबाइल और निजी जानकारी को निशाना बनाते थे।

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क में काम करने वाले युवाओं को ठगी की रकम में से कमीशन दिया जाता था। इसी लालच के जरिए धीरे-धीरे अधिक युवाओं को नेटवर्क से जोड़े जाने की बात सामने आई है।

कम समय में ज्यादा कमाई का दिया जाता था लालच

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर मनीष पहले युवाओं को अपने संपर्क में लाता था और उन्हें कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का लालच दिया जाता था।

इसके बाद उन्हें साइबर अपराध के तौर-तरीके सिखाकर नेटवर्क में शामिल किया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी और कथित ठगी से कितनी रकम जुटाई गई।

बड़े शहरों के महंगे होटलों से नेटवर्क चलाने का आरोप

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मनीष अक्सर अपने इलाके में दिखाई नहीं देता था। आरोप है कि वह साथियों के साथ कोलकाता और अन्य बड़े शहरों के महंगे होटलों में ठहरकर कथित साइबर नेटवर्क संचालित करता था।

पुलिस काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी नेटवर्क की दूसरी कड़ियों तक पहुंचने में जुटी है।

गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं कई राज

मनीष की गिरफ्तारी को पुलिस इस नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है। आशंका है कि उसके संपर्क में कई और लोग हो सकते हैं।

अब पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े युवाओं की पहचान, उनकी भूमिका, पैसों के लेन-देन और कथित साइबर अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच कर रही है।

अगर जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो इस कार्रवाई से देवघर और आसपास के इलाकों में सक्रिय साइबर ठगी नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट

साइबर थाना पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

पुलिस ने कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध लिंक या अनजान APK फाइल को डाउनलोड अथवा इंस्टॉल करने से भी बचें।

ऐसी फाइलें मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी के लिए खतरा बन सकती हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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