झारखंड न्यूज : गाना नहीं सुनाने पर पहली के छात्र का हाथ तोड़ने का आरोप, स्कूल प्रबंधन ने किया इनकार, जांच शुरू
Jharkhand News: Allegation of Class 1 student's arm being broken for not singing; school management denies claim; investigation launched.

पलामू। स्कूली बच्चे से मारपीट का मामला सामने आया है। पलामू जिले के मनातू प्रखंड के बंसी खुर्द स्थित अपग्रेडेड मिडिल स्कूल में पहली कक्षा के एक छात्र के साथ मारपीट और उसका हाथ टूटने का आरोप सामने आया है। इस घटना को लेकर आरोप है कि पांचवीं कक्षा के एक छात्र ने गाना सुनाने से इनकार करने पर जूनियर छात्र के साथ मारपीट की।
हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने घटना को स्कूल परिसर में होने से साफ इनकार किया है। मामला सामने आने के बाद रविवार को पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के प्रतिनिधि उदेश कुमार यादव के नेतृत्व में कुछ लोग गांव पहुंचे और पीड़ित छात्र व उसके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित छात्र से घटना की जानकारी ली गई।
गाना नहीं सुनाने पर मारपीट का आरोप
इस घटना को लेकर विधायक प्रतिनिधि उदेश कुमार यादव के अनुसार, घटना के समय स्कूल के शिक्षक मोबाइल चलाने में व्यस्त थे, जबकि सीनियर छात्र जूनियर बच्चों की कक्षा ले रहे थे। इसी दौरान पांचवीं कक्षा के एक छात्र ने पहली कक्षा के बच्चे से गाना सुनाने के लिए कहा।आरोप है कि जब जूनियर छात्र ने गाना सुनाने से मना कर दिया, तो सीनियर छात्र ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके हाथ में गंभीर चोट लगी और हाथ टूट गया।
शिकायत करने पर प्रिंसिपल ने डांटने का आरोप
विधायक प्रतिनिधि का आरोप है कि पीड़ित छात्र ने घटना की जानकारी स्कूल के प्रिंसिपल को भी दी थी, लेकिन उसकी बात सुनने के बजाय उसे डांटकर भगा दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह शिक्षकों की गंभीर लापरवाही का मामला है।
उदेश कुमार यादव ने कहा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की होती है। घटना को लेकर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी डीसी और अन्य वरीय अधिकारियों को दी जाएगी।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
इधर, अपग्रेडेड मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल धीरेंद्र कुमार रजक ने स्कूल परिसर में इस तरह की किसी भी घटना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल में मारपीट की ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।प्रिंसिपल के अनुसार, यदि स्कूल परिसर में बच्चे के साथ मारपीट हुई होती तो उसे इसकी जानकारी जरूर मिलती और बच्चा इसकी शिकायत करता। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल के बाहर किसी प्रकार की मारपीट हुई है तो उसके बारे में स्कूल प्रबंधन कुछ नहीं कह सकता।
जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच
फिलहाल, इस मामले में आरोप और स्कूल प्रबंधन के बयान अलग-अलग हैं। एक पक्ष जहां स्कूल में सीनियर छात्र द्वारा जूनियर छात्र की पिटाई कर हाथ तोड़ने और शिक्षकों की लापरवाही का आरोप लगा रहा है, वहीं स्कूल प्रबंधन ने घटना को ही स्कूल परिसर में होने से इनकार कर दिया है।
अब मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पहली कक्षा के छात्र का हाथ किन परिस्थितियों में टूटा और घटना स्कूल परिसर में हुई या नहीं। मामले में अधिकारियों से शिकायत किए जाने की बात कही गई है।









