झारखंड बिग ब्रेकिंग : राज्य में आचार संहिता लागू, नगर निकायों चुनाव की तारीखों का ऐलान, कल से नामांकन, 23 फरवरी को वोटिंग, जानिये डिटेल..
Jharkhand Big Breaking: Model Code of Conduct implemented in the state, dates for municipal elections announced, nominations from tomorrow, voting on February 23, know the details..

झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लग गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। अधिसूचना 29 जनवरी को जारी होगी और आज से सभी संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक और प्रशासनिक अटकलों का दौर अब समाप्त हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर दी। चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव की जानकारी साझा की।
इसके तहत राज्य के कुल 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। चुनाव की अधिसूचना बुधवार को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मंगलवार दोपहर 2 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम और इससे जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि जैसे ही चुनाव की घोषणा हुई है, वैसे ही आज से सभी 48 नगर निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसका मतलब है कि अब इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की नई घोषणाएं, तबादले या सरकारी योजनाओं की घोषणा नहीं की जा सकेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार नगर निकाय चुनाव के तहत 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव होंगे। इन सभी निकायों में जनप्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया कि नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 6 फरवरी निर्धारित की गई है।
चुनाव में मतदाताओं की संख्या को लेकर भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 43 लाख 23 हजार 574 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 22 लाख 7 हजार 203 पुरुष मतदाता और 21 लाख 26 हजार 227 महिला मतदाता शामिल हैं। यह आंकड़ा राज्य में शहरी मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार नगर निकाय चुनाव में NOTA (None of the Above) का कोई प्रावधान नहीं होगा। यानी मतदाताओं को उपलब्ध उम्मीदवारों में से ही किसी एक को चुनना होगा। यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण बिंदु मानी जा रही है।
चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आयोग की ओर से विशेष तैयारी की जा रही है। अलका तिवारी ने बताया कि चुनाव के दौरान ऑब्जर्वर और एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर की तैनाती की जाएगी, जो मतदान प्रक्रिया और चुनावी खर्च पर नजर रखेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार निर्धारित नियमों और खर्च सीमा का पालन करें।
नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अब उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। वहीं, प्रशासन भी शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सुरक्षा और व्यवस्थागत तैयारियों में लग गया है।









