झारखंड- सीओ साहब मुश्किल में ! IAS की अगुवाई वाली कमेटी करेगी जांच, जांच रिपोर्ट के बाद गिर सकती है गाज, विवाद मामले में रुख हुआ सख्त
Jharkhand - The Chief Superintendent of Police (CO) is in trouble! An IAS-led committee will investigate, and action could be taken after the report is presented. The stand taken in the disputed case has become tough.

Jharkhand News: अंचलाधिकारी की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ने वाली है। पलामू जिले में सदर अंचल अधिकारी अमरदीप बल्होत्रा के कार्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी गयी है। दरअसल हाल ही में सदर अंचल कार्यालय में हुए हंगामे और एफआईआर के बाद कई संगठनों ने कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद डीसी ने यह कदम उठाया।
जानकारी के मुताबिक सदर अंचल अधिकारी अमरदीप बल्होत्रा के कार्यों को लेकर बढ़ते विवाद और विरोध के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पलामू की उपायुक्त समीरा एस ने सोमवार को एक तीन-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो अंचल अधिकारी के कार्यों की जांच कर डीसी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। समिति में दो IAS सहित कुल तीन वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं।
इस समिति में पलामू के डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (DDC) एवं IAS अधिकारी जावेद हुसैन, अपर समाहर्ता (ADM) कुंदन कुमार और प्रशिक्षु IAS अधिकारी हिमांशु लाल को नामित किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह सदर अंचल अधिकारी के प्रशासनिक कार्यों, राजस्व मामलों, निर्णय प्रक्रिया और हाल में हुई विवादित घटनाओं की बारीकी से जांच करे।
विवाद की पृष्ठभूमि
कुछ दिन पहले सदर अंचल कार्यालय परिसर में एक विवाद को लेकर तीखा हंगामा हुआ था। इस दौरान कुछ लोगों और सदर अंचल अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते तनाव का माहौल बन गया।इस मामले में प्रशासन की ओर से हम पार्टी के जिला अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और बाद में उनकी गिरफ्तारी भी हुई, जिसके बाद वे जेल भेज दिए गए।
घटना के पश्चात हम पार्टी सहित कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने अंचल अधिकारी पर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने आरोप लगाए कि सदर अंचल कार्यालय में कार्यों को पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा है और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने उठाई थी आवाज, डीसी से की थी शिकायत
विवाद गहराने के बाद पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त समीरा एस से मुलाकात की थी और अंचल अधिकारी के कार्यों की न्यायिक जांच की मांग रखी थी। डीसी ने गंभीरता दिखाते हुए मामले पर प्रशासनिक स्तर पर जांच के आदेश जारी किए।जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि गठित समिति जल्द ही जांच प्रक्रिया प्रारंभ करेगी और सभी पक्षों से बातचीत कर तथ्यों का सत्यापन करेगी।
किन बिंदुओं पर होगी जांच?
जांच समिति निम्न प्रमुख बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी—
सदर अंचल कार्यालय में प्रशासनिक कार्य पद्धति
राजस्व और भूमि संबंधित मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया
शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और निष्पक्षता
हालिया हंगामे की परिस्थितियाँ और जिम्मेदारी निर्धारण
सरकारी नियमों और आचार संहिता के पालन की स्थिति
आगे क्या?
जांच समिति निर्धारित समयसीमा में अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि समिति की रिपोर्ट में अंचल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो कार्रवाई तय मानी जा रही है।पलामू में यह मामला अब प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सरकारी कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ चुका है। सभी की निगाहें अब जांच समिति की रिपोर्ट और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।









