झारखंड-नक्सली मुठभेड़: दो सब इंस्पेक्टरों की हालत गंभीर, एयर एंबुलेंस से दिल्ली रेफर, ग्रीन कॉरिडोर से लाया गया एयरपोर्ट…
Jharkhand-Naxalite encounter: Two sub-inspectors in critical condition, referred to Delhi by air ambulance, brought to airport via green corridor...

चाईबासा के सारंडा जंगल में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में घायल कोबरा बटालियन के दो अधिकारियों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है। रांची में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें एयर एंबुलेंस से भेजने की व्यवस्था की गई।
…………………..
चाईबासा। नक्सली मुठभेड़ में घायल दो जवानों की हालत नाजुक हैं। दोनों जवान को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया है। चाईबासा के घने सारंडा जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा तंत्र की त्वरित सक्रियता देखने को मिली। इस मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के दो अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है।
मुठभेड़ के दौरान घायलों की पहचान सब-इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश और शैलेश कुमार दुबे के रूप में हुई है। दोनों अधिकारी मुठभेड़ के दौरान घायल हुए थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए रांची के राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।डॉक्टरों की टीम ने दोनों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय उपचार के लिए दिल्ली रेफर करने का निर्णय लिया।
इसके बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की और अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। इस ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से एंबुलेंस को बिना किसी ट्रैफिक बाधा के तेज गति से एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया, जिससे घायलों को समय पर एयरलिफ्ट किया जा सका।
मुठभेड़ की यह घटना बीते दिन सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुई थी। सुरक्षाबल क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी अचानक मुठभेड़ शुरू हो गई। इस दौरान दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य सुरक्षाकर्मी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
फिलहाल, घायलों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है और दिल्ली में उनके बेहतर इलाज की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया गया है।
झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों का संयुक्त ऑपरेशन अभी भी जारी है, ताकि इलाके को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि सुरक्षा बल किस तरह चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए डटे हुए हैं।









