झारखंड: नर्स ने थाने में की आत्महत्या की कोशिश, डॉक्टर पर लगाया रेप का आरोप, थाने में नहीं हुई सुनवाई तो जान देने की कोशिश, मचा हंगामा
Jharkhand: Nurse attempts suicide at police station, accuses doctor of rape; attempts suicide after not being heard at police station, causes uproar

हजारीबाग। महिला थाना परिसर में एक नर्स ने जान देने की कोशिश की है। नर्स ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। गंभीर हालत में युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। नर्स ने थाना परिसर में ही आत्महत्या करने का प्रयास किया।
यह घटना उस समय हुई, जब पीड़िता न्याय की गुहार लेकर महिला थाना पहुंची थी। युवती की पहचान बड़कागांव थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नर्स के रूप में हुई है। घटना के बाद महिला थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और गंभीर अवस्था में युवती को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मेडिकल छात्र पर यौन शोषण का आरोप
युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विकास कुमार मेहता, जो शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग में एमबीबीएस का छात्र है, ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वह उससे शादी करेगा, लेकिन बाद में न तो शादी की और न ही उससे संपर्क बनाए रखा।युवती का आरोप है कि जब उसने इस पूरे मामले की शिकायत थाने में की, तो उसे न्याय नहीं मिला, जिससे वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई।
महिला थाना प्रभारी पर असंवेदनशीलता का आरोप
पीड़िता ने महिला थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि जब वह 8 जुलाई को शिकायत लेकर महिला थाना पहुंची थी, तब उसे यह कहकर लौटा दिया गया कि “पार्क में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं”। इस कथित बयान से युवती को गहरा आघात पहुंचा और उसे लगा कि उसकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।युवती के अनुसार, न्याय की उम्मीद टूटने के बाद उसने महिला थाना परिसर में ही खुद को खत्म करने का प्रयास किया।
दहेज की मांग का भी आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब युवती के परिजनों ने बताया कि आरोपी छात्र की मां पहले शादी का रिश्ता लेकर उनके घर आई थी, लेकिन बाद में भारी दहेज की मांग शुरू कर दी गई। परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग और आरोपी के व्यवहार से युवती की मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।परिजनों के अनुसार, बेटी ने कई बार न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई।
पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार सिंह, महिला थाना प्रभारी विंध्यवासिनी सिन्हा, सदर थाना प्रभारी सुभाष सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसपी मनोज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि युवती का इलाज जारी है और उसकी हालत अब स्थिर है।डीएसपी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और ठोस साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई और टिप्पणी की जाएगी।









