Jharkhand SIR: मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आखिरी मौका, 30 सितंबर के बाद शुरू होगी जांच; 19 अक्टूबर को आएगी Final List

SIR-2026 के तहत नाम जोड़ने, हटाने पर आपत्ति और मतदाता सूची में सुधार के लिए 30 सितंबर अंतिम तारीख है। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच, नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया होगी।

धनबाद। झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 के तहत मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख अब बेहद करीब है। निर्वाचन आयोग ने दावा-आपत्ति की समय-सीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया है। ऐसे में पात्र नागरिकों के पास मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, नाम हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने या अपने विवरण में सुधार कराने के लिए अब आखिरी मौका है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने पात्र भारतीय नागरिकों, खासकर ऐसे युवाओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है। पात्र नागरिक 30 सितंबर तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन और दावा-आपत्ति जमा कर सकते हैं। ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने की स्थिति में फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र ECINET के माध्यम से या संबंधित बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO की मदद से जमा किया जा सकता है।

युवाओं के लिए भी आखिरी मौका

SIR की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन विभाग की ओर से पात्र नागरिकों को अपने नाम की जांच करने और जरूरत पड़ने पर आवेदन करने के लिए लगातार कहा जा रहा है। खास तौर पर वे युवा जो 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं और जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से अपने परिवार, मित्रों और आसपास के पात्र लोगों को भी इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने की अपील की है, ताकि योग्य मतदाता अपना दावा निर्धारित समय के भीतर दर्ज करा सकें।

फॉर्म-6, 7 और 8 का क्या है काम?

SIR के दौरान अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग फॉर्म निर्धारित किए गए हैं। मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, फॉर्म-7 के जरिए निर्धारित आधार पर किसी नाम को हटाने को लेकर आपत्ति या विलोपन संबंधी दावा किया जा सकता है।

फॉर्म-8 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार, पते में बदलाव या मतदाता का नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराने के लिए किया जाता है। निर्वाचन विभाग के अनुसार इन फॉर्म के जरिए प्राप्त दावों और आपत्तियों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

फॉर्म-7 जमा करने से तुरंत नहीं कटेगा नाम

मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर भी कई लोगों के बीच भ्रम की स्थिति रहती है। केवल फॉर्म-7 जमा कर दिए जाने से किसी मतदाता का नाम अपने आप मतदाता सूची से नहीं हट जाता। संबंधित दावे या आपत्ति की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी इस संबंध में निर्णय लेते हैं।

इसलिए किसी मतदाता के नाम को लेकर आपत्ति दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि उसका नाम तत्काल सूची से हटा दिया गया है। संबंधित पक्ष को प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा सकता है।

अंतिम दिनों में बढ़ी आवेदन की रफ्तार

SIR की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ झारखंड में फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के आवेदन की संख्या में तेजी देखी गई है। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 27 सितंबर को ही राज्यभर में फॉर्म-6 के 9,603, फॉर्म-7 के 157 और फॉर्म-8 के 8,936 आवेदन प्राप्त हुए थे।

इससे साफ है कि दावा-आपत्ति की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची से जुड़े अपने दावे और सुधार संबंधी आवेदन जमा कर रहे हैं।

30 सितंबर के बाद क्या होगा?

30 सितंबर तक प्राप्त दावों और आपत्तियों के बाद निर्वाचन विभाग की ओर से आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें आवेदनों का डिजिटाइजेशन, दस्तावेजों और दावों की जांच तथा जरूरत के अनुसार नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया शामिल होगी।

इसके बाद संशोधित अंतिम मतदाता सूची यानी Final Electoral Roll 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। यानी 30 सितंबर के बाद आवेदन प्रक्रिया का यह चरण समाप्त हो जाएगा, लेकिन पहले से प्राप्त दावों और आपत्तियों पर जांच और निर्णय की प्रक्रिया जारी रहेगी।

एक नजर में

दावा-आपत्ति की अंतिम तारीख: 30 सितंबर 2026

फॉर्म-6: मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए

फॉर्म-7: नाम हटाने या हटाने पर आपत्ति के लिए

फॉर्म-8: विवरण में सुधार, पता परिवर्तन या नाम स्थानांतरण के लिए

अंतिम मतदाता सूची: 19 अक्टूबर 2026

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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