झारखंड: दो भाईयों की गंगा नदी में डूबकर हो गयी मौत, होली की छुट्टी में परिवार आया था घर, लौटने से पहले हो गया हादसा

Jharkhand: Two brothers drowned in the Ganges River; the family had come home for the Holi holidays, but the tragedy occurred before they could return.

झारखंड के साहिबगंज जिले में एक दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। लगभग 16 घंटे की तलाश के बाद दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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साहिबगंज: एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। साहिबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र के सरकंडा गांव में गंगा नदी में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की मौत हो गई। लगभग 16 घंटे तक चली तलाश के बाद दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मिली जानकारी के अनुसार सरकंडा गांव निवासी सेटू चौरसिया के दो बेटे, 8 वर्षीय आर्यन कुमार और 4 वर्षीय राघव कुमार, गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे घर के सामने खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों अचानक लापता हो गए।

गंगा किनारे मिली बच्चे की पैंट, बढ़ी चिंता
इधर, काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता होने लगी। इसके बाद परिवार के लोग और गांव के ग्रामीण आसपास के क्षेत्रों में बच्चों की तलाश में जुट गए। देर रात तक खोजबीन के बावजूद बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला। बच्चों के नहीं मिलने से परिजनों को अपहरण की आशंका भी सताने लगी। गुरुवार रात करीब 9 बजे नमामि गंगे घाट के पास गंगा नदी के किनारे एक बच्चे की पैंट मिली।

पैंट मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से नदी में बच्चों की तलाश शुरू की।रात भर ग्रामीण नदी के किनारे खोजबीन करते रहे, लेकिन अंधेरे के कारण कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद भी तलाश जारी रखी गई।घर से लगभग 150 मीटर दूर नमामि गंगा सीढ़ी घाट के पास गंगा नदी में एक बच्चे का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।

ग्रामीणों और परिजनों ने दूसरे बच्चे की तलाश शुरू की। कुछ ही दूरी पर दूसरे मासूम का शव भी नदी में मिल गया। दोनों भाइयों के शव मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड पुलिस की राजमहल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतक बच्चों के पिता सेटू चौरसिया ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मुंबई में मजदूरी करते हैं। होली का त्योहार मनाने के लिए वह कई वर्षों बाद अपने परिवार के साथ गांव आए थे।

परिवार जल्द ही वापस मुंबई लौटने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी बीच यह दर्दनाक हादसा हो गया।इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। बच्चों की मां बार-बार रोते हुए कह रही थी कि उसके केवल यही दो बेटे थे और अब उसके बुढ़ापे का सहारा भी छिन गया। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी और गांव के लोग किसी तरह उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे।

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