महिला पत्रकार से कथित छेड़छाड़ मामले में फिर गरमाया विवाद, ACP विवेक भगत के खिलाफ FIR की मांग; प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस को दी 5 अक्टूबर तक की डेडलाइन
CJP के सह संयोजक सौरभ दास का आरोप- शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं कर रही पुलिस; कहा- सोमवार दोपहर 12 बजे तक कार्रवाई नहीं हुई तो फिर थाने के बाहर होगा प्रदर्शन

नई दिल्ली। महिला पत्रकार से कथित छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर दिल्ली के एसीपी विवेक भगत के खिलाफ कार्रवाई की मांग फिर तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के सह संयोजक सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस से एसीपी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि शिकायत और प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की है।
सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर 5 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक FIR दर्ज नहीं की गई तो पत्रकारों और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ एक बार फिर थाने के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी FIR की कॉपी लेकर ही वहां से लौटेंगे।
FIR को लेकर दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
CJP के सह संयोजक सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि महिला पत्रकार से कथित छेड़छाड़ के मामले में एसीपी विवेक भगत के खिलाफ FIR दर्ज करने में पुलिस टालमटोल कर रही है। उनका दावा है कि घटना के बाद पत्रकार और अन्य लोग थाने के बाहर पहुंचे थे और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उस समय भी FIR दर्ज नहीं की गई।
सौरभ दास ने कहा कि पुलिस घटना से जुड़े वीडियो की जांच करना चाहती है तो वह जांच कर सकती है, लेकिन उनके मुताबिक FIR दर्ज करने में और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस को सोमवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया है।
‘FIR नहीं हुई तो फिर थाने पहुंचेंगे’
सौरभ दास के मुताबिक, दिल्ली पुलिस से कहा गया है कि उपलब्ध वीडियो और अन्य सामग्री की जांच की जाए, लेकिन तय समयसीमा के भीतर FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 5 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक FIR दर्ज नहीं होती है तो पत्रकार और अन्य समर्थक दोबारा थाने के बाहर जुटेंगे।
उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी इस बार भी FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस पर दबाव बनाएंगे और FIR की कॉपी मिलने के बाद ही वापस लौटेंगे।
एसीपी पर लगे आरोपों की जांच का मामला
यह पूरा मामला महिला पत्रकार से कथित छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़ा है। आरोपों के मुताबिक, घटना के दौरान एसीपी विवेक भगत के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद पत्रकारों और अन्य लोगों की ओर से कार्रवाई की मांग की गई।
हालांकि, विवेक भगत के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकती है। इस खबर में सामने आई बातें CJP के सह संयोजक सौरभ दास के आरोपों और मांगों पर आधारित हैं। आरोपी अधिकारी का पक्ष या दिल्ली पुलिस की ओर से इस डेडलाइन और आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया इस समय उपलब्ध नहीं है।
अब सबकी नजर 5 अक्टूबर दोपहर 12 बजे की तय समयसीमा पर है। यदि तब तक FIR दर्ज नहीं होती है, तो CJP और समर्थकों की ओर से दोबारा प्रदर्शन किए जाने की चेतावनी दी गई है।









