“मां… मेरा क्या कसूर था?” जन्म के कुछ दिन बाद ही कपड़े में लिपटा मिला मासूम, रोते-रोते बची जिंदगी, निर्दयी मां की तलाश में जुटी पुलिस
“Mother… what was my fault?” An innocent infant, found wrapped in cloth just days after birth, survived after crying incessantly; police are searching for the heartless mother.

रांची। “मां… मेरा क्या कसूर था?” यह सवाल वह मासूम अपनी जुबान से तो नहीं पूछ सकता, लेकिन रांची की रेलवे ऑफिसर्स कॉलोनी में कपड़े में लिपटा मिला नवजात अपने पीछे यही सवाल छोड़ गया। जिस उम्र में एक नवजात को मां की गोद और आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में रांची में एक मासूम को कपड़े में लपेटकर अकेला छोड़ दिया गया। उसे नहीं पता कि उसे किसने और क्यों छोड़ा, लेकिन उसकी सिसकती आवाज ने गुरुवार सुबह एक राहगीर को रोक लिया।
अगर समय रहते उस आवाज पर किसी की नजर नहीं पड़ती, तो शायद यह मासूम आज जिंदा नहीं होता।रांची रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे ऑफिसर्स कॉलोनी में गुरुवार सुबह कपड़े में लिपटा नवजात मिलने से हड़कंप मच गया। मासूम को वहां कौन छोड़कर गया, यह फिलहाल रहस्य बना हुआ है। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
सुबह की खामोशी में सुनाई दी बच्चे के रोने की आवाज
गुरुवार की सुबह एक युवक रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकला था। इसी दौरान उसे कॉलोनी में बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह उस तरफ पहुंचा तो उसकी नजर कपड़े में लिपटे नवजात पर पड़ी।कुछ पल के लिए वह भी हैरान रह गया। उसने तत्काल आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।
लोगों ने देखा कि मासूम को कपड़े में लपेटकर अकेला छोड़ दिया गया था। जिस जगह नवजात मिला, वहां अक्सर आवारा कुत्तों का आना-जाना रहता है। ऐसे में समय रहते लोगों की नजर बच्चे पर पड़ना उसके लिए किसी जिंदगी की दूसरी सुबह से कम नहीं था।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना, अस्पताल पहुंचाया गया
सूचना मिलने के बाद पुलिस और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। नवजात को सुरक्षित कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं और उसका इलाज जारी है।चुटिया थाना प्रभारी पूनम कुजूर ने बताया कि सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) की ओर से थाने को नवजात के बरामद होने की सूचना दी गई है। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मां, आखिर मेरा क्या कसूर था?
एक नवजात, जिसने अभी ठीक से दुनिया को देखा भी नहीं… जिसे मां की गोद और आंचल का मतलब तक पता नहीं… उसे कपड़े में लपेटकर अकेला छोड़ दिया गया।मासूम शायद कुछ पूछ नहीं सकता, लेकिन इस घटना ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है—आखिर उसका कसूर क्या था?क्या हालात इतने मजबूर थे कि मां की गोद से निकलकर उसे अकेली सड़क के भरोसे छोड़ना पड़ा? या फिर किसी ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए उस मासूम को मौत के मुहाने पर छोड़ दिया?इन सवालों के जवाब अभी पुलिस की जांच में छिपे हैं।
CCTV फुटेज से बच्चे को छोड़ने वाले की तलाश
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया था। इसके लिए रेलवे ऑफिसर्स कॉलोनी के आसपास और प्रवेश-निकास मार्गों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस आसपास के अस्पतालों और नर्सिंग होम से भी हाल के दिनों में हुए प्रसव की जानकारी जुटा रही है। स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ-साथ CCTV फुटेज के जरिए बच्चे को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल इस मासूम की पहचान और उसे वहां छोड़ने वाले शख्स के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा कि आखिर किसने इस नवजात को उसकी मां की गोद से उठाकर रेलवे कॉलोनी में जिंदगी और मौत के बीच छोड़ दिया था।









