मनु भाकर के कोच और महान शूटर जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस
Manu Bhaker's coach and legendary shooter Jaspal Rana passes away at the age of 49; breathed his last at a Delhi hospital.

भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। देश के दिग्गज शूटर और स्टार ओलंपियन मनु भाकर के हाई-परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा का निधन हो गया है। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके बाद गुरुवार (11 जून) को उन्होंने 49 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे भारतीय खेल जगत, विशेषकर शूटिंग (निशानेबाजी) बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है।
फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत, दिल्ली के मैक्स अस्पताल में थे भर्ती
मिली जानकारी के अनुसार, म्यूनिख में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के बाद जब जसपाल राणा भारतीय दल के साथ स्वदेश लौट रहे थे, तभी फ्लाइट में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। भारत पहुंचने के तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार गुरुवार को उनका निधन हो गया।
तीन दशकों का सफर: खिलाड़ी से लेकर कोच तक का शानदार योगदान
जसपाल राणा का जाना भारतीय शूटिंग के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने जीवन के आखिरी तीन दशक पूरी तरह से शूटिंग के खेल को समर्पित कर दिए।
90 के दशक में बनाई पहचान: राणा ने 1990 के दशक में एक बेहतरीन निशानेबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई थी।
एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के किंग: वे 4 बार के एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट और कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 बार के स्वर्ण पदक विजेता रहे।
विश्व पटल पर चमके: उन्होंने एक बार एशियन चैंपियनशिप जीती और साल 1994 में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।
सन्यास: साल 2006 के एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने के बाद उन्होंने अपने एक्टिव शूटिंग करियर को अलविदा कह दिया था।
कोचिंग में भी गाड़े झंडे, मनु भाकर को दिलाया ओलंपिक मेडल
खिलाड़ी के तौर पर देश को गौरवान्वित करने के बाद, जसपाल राणा ने साल 2012 में कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। देखते ही देखते वह भारत के सबसे सफल और दिग्गज शूटिंग कोचों में शुमार हो गए। वह भारतीय पिस्टल शूटर्स के हाई-परफॉर्मंस कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
साल 2024 के पेरिस ओलंपिक्स में वह भारतीय शूटिंग दल के साथ पेरिस गए थे। इसी ओलंपिक में भारत की स्टार शूटर मनु भाकर ने दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था। मनु भाकर ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय हमेशा अपने कोच जसपाल राणा के कड़े अनुशासन और मार्गदर्शन को दिया था।
जसपाल राणा के निधन पर खेल मंत्रियों, साथी खिलाड़ियों और उनके प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। खेल जगत ने एक ऐसा हीरा खो दिया है जिसने न सिर्फ खुद देश का मान बढ़ाया, बल्कि देश के लिए कई और चैंपियन भी तैयार किए।









