मिट्टी के घर के अंदर चल रहा था नकली विदेशी शराब का खेल! 300 लीटर तैयार शराब, स्पिरिट और ब्रांडेड बोतलें बरामद, छापेमारी से मचा हड़कंप
गिरिडीह के महादेवडीह गांव में उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का किया खुलासा। बोतलें, ढक्कन, होलोग्राम और लेबल समेत पैकेजिंग का सामान जब्त, एक संदिग्ध की तलाश जारी।

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में मिट्टी के एक घर के भीतर कथित तौर पर अवैध विदेशी शराब बनाने का कारोबार चल रहा था। उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस गतिविधि का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में तैयार अवैध शराब और उसके निर्माण व पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। ड्रमों में रखी करीब 300 लीटर रंगीन विदेशी शराब मिलने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, संयुक्त टीम ने जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित महादेवडीह गांव में छापेमारी की। यहां गांडेय थाना क्षेत्र के निवासी देबू मरांडी के मिट्टी के घर में कथित तौर पर अवैध विदेशी शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। टीम ने मौके की तलाशी के दौरान शराब बनाने और उसे अलग-अलग ब्रांडों की बोतलों में भरकर तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्रियां जब्त कीं।
तैयार शराब से लेकर होलोग्राम और लेबल तक बरामद
छापेमारी के दौरान विभिन्न ब्रांडों की सीलबंद बोतलों में तैयार अवैध विदेशी शराब मिली। इसके अलावा ड्रमों में भरकर रखी गई लगभग 300 लीटर रंगीन विदेशी शराब और अवैध स्पिरिट भी जब्त की गई। मौके से बड़ी संख्या में खाली बोतलें, ढक्कन, चिपकाए जाने वाले होलोग्राम, लेबल और कैरामेल समेत शराब निर्माण एवं पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद हुई।
बरामद सामग्री से पुलिस और उत्पाद विभाग को अवैध शराब तैयार करने और उसकी पैकेजिंग से जुड़े कामकाज की जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, शराब किन ब्रांडों के नाम पर तैयार की जा रही थी और इसे कहां-कहां खपाया जाना था, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
फरार आरोपी की तलाश, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
इस मामले में संलिप्त लोगों की पहचान करने और अवैध शराब निर्माण से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के उदनाबाद निवासी अभिषेक कुमार की कथित संलिप्तता सामने आई है। वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े लोगों और अवैध कारोबार के संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। आगे की जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित मिनी फैक्ट्री से शराब की आपूर्ति किन इलाकों में की जाती थी और इस गतिविधि में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई से खुलेंगे कई राज
महादेवडीह में हुई इस कार्रवाई ने जिले में अवैध शराब निर्माण और उसकी पैकेजिंग से जुड़े नेटवर्क की जांच को महत्वपूर्ण बना दिया है। तैयार शराब के साथ स्पिरिट, खाली बोतलें, ढक्कन, होलोग्राम और लेबल की बरामदगी के बाद अब जांच का केंद्र इस कारोबार की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े लोगों की पहचान करना है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। फरार बताए जा रहे व्यक्ति की तलाश और जब्त सामग्री की जांच के बाद ही अवैध शराब के कारोबार के दायरे तथा इसमें शामिल अन्य लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









