टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वालों की अब खैर नहीं, CM फडणवीस का सख्त अल्टीमेटम; विदेश में छिपे होंगे तब भी ढूंढ निकालेगी पुलिस, 15 टीमें जांच में जुटीं
मुंबई गोलीकांड में पुलिस को मिले अहम सुराग, कुछ संदिग्धों की पहचान का दावा; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभिनेता की सुरक्षा का भरोसा दिया, सीसीटीवी फुटेज और बैलिस्टिक सबूतों की जांच तेज

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को स्पष्ट कहा कि इस वारदात के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी महाराष्ट्र से बाहर हों या विदेश में बैठकर काम कर रहे हों, उन्हें तलाशकर गिरफ्तार करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मुंबई पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और कुछ संदिग्धों की पहचान भी की गई है।
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फडणवीस ने इस घटना को गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस मामले की जांच पूरी गंभीरता से कर रही है और मिले सुरागों के आधार पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय किया जाएगा और यदि आरोपियों के विदेश में होने की जानकारी मिलती है, तो उन्हें पकड़ने के लिए केंद्र सरकार की मदद ली जाएगी।
विदेश में छिपे आरोपियों तक पहुंचने की भी तैयारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हमलावरों के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि छिपकर हमला करने वालों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि सरकार का उद्देश्य इस वारदात में शामिल लोगों को खोज निकालना और कानून के दायरे में लाना है।
फडणवीस ने बताया कि उन्होंने घटना के बाद टाइगर श्रॉफ से बातचीत की थी और उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार अभिनेता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गोलीबारी में ड्राइवर और ऑटो चालक घायल
रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना सामने आई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अभिनेता इस हमले में बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस और एक ऑटो-रिक्शा चालक चौहान घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक व्यक्ति को कार की ओर गोली चलाते हुए देखा जाने का दावा किया गया है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान और घटना से उसका संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस हमले की वजह, आरोपियों की संख्या और वारदात के पीछे की संभावित साजिश की पड़ताल कर रही है।
15 पुलिस टीमों के हवाले जांच, सीसीटीवी और फॉरेंसिक सबूत खंगाले जा रहे
मुंबई पुलिस ने हमलावरों का पता लगाने के लिए 15 टीमें गठित की हैं। इन टीमों में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल हैं। जांचकर्ता घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं, ताकि संदिग्धों की पहचान करने और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिल सके।
फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से बैलिस्टिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने वाहन की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की कि गोलीबारी किस दिशा से की गई और कुल कितनी गोलियां चलाई गईं। घटना जुहू पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पुष्पा पार्क के पास हुई बताई गई है। जांच एजेंसियां घटनाक्रम और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट, विपक्ष ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फडणवीस ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से भी मामले की जानकारी ली थी। उन्होंने जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फडणवीस के पास राज्य का गृह विभाग भी है, इसलिए इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सरकार की सीधी निगरानी है।
दूसरी ओर, घटना को लेकर विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सरकार नाकाम रही है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी, हमले के पीछे की वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर पुलिस की जांच अभी निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचना बाकी है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री के सख्त बयान और 15 पुलिस टीमों की तैनाती के बाद इस मामले में कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। पुलिस को मिले सुरागों और फॉरेंसिक जांच से आने वाले दिनों में अहम जानकारी सामने आ सकती है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां संदिग्धों तक कब पहुंचती हैं और गोलीबारी के पीछे की असली वजह क्या निकलकर सामने आती है।









