बसंत सोरेन के निधन की खबर से झारखंड की राजनीति में मचा हड़कंप, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट को JMM ने बताया भ्रामक; पार्टी ने प्रशासन से की जांच और कार्रवाई की मांग
दुमका विधायक बसंत सोरेन को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों का झामुमो ने किया खंडन, लोगों से बिना सत्यापन पोस्ट साझा नहीं करने की अपील

दुमका। झारखंड की राजनीति से जुड़ी एक संवेदनशील खबर ने सोशल मीडिया पर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। दुमका के विधायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता बसंत सोरेन के निधन को लेकर कुछ सोशल मीडिया पेजों पर पोस्ट साझा किए जाने के बाद पार्टी ने सामने आकर इन खबरों का खंडन किया है। झामुमो के दुमका जिला संगठन ने इन पोस्टों को भ्रामक बताते हुए लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किसी भी संवेदनशील सूचना पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें।
बसंत सोरेन के निधन की खबर पर JMM ने क्या कहा?
झामुमो दुमका जिला संगठन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि सोशल मीडिया के कुछ पेजों पर बसंत सोरेन के निधन से संबंधित अपुष्ट खबरें प्रसारित की जा रही हैं। पार्टी ने इन खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि इस तरह की सूचनाएं लोगों के बीच अनावश्यक चिंता और भ्रम पैदा कर सकती हैं।
पार्टी ने लोगों से आग्रह किया है कि किसी भी नेता या सार्वजनिक व्यक्ति से जुड़ी संवेदनशील खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें। आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी को ही प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर कार्रवाई की मांग
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झामुमो के दुमका जिला संगठन ने जिला प्रशासन से सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और खबरों की जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में जानबूझकर भ्रामक सूचना फैलाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों और सोशल मीडिया पेज संचालकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मांग के बाद सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों और उनके संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, पोस्ट किसने साझा किए और उनके पीछे क्या उद्देश्य था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
लोगों से अपील, बिना पुष्टि किसी खबर को आगे न बढ़ाएं
झामुमो ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली हर खबर को सच मानकर साझा न करें। खासकर किसी व्यक्ति के निधन जैसी संवेदनशील सूचना के मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है। बिना सत्यापन ऐसी खबरें फैलने से संबंधित व्यक्ति के परिवार, समर्थकों और आम लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो सकती है।
फिलहाल, बसंत सोरेन के निधन से जुड़ी वायरल पोस्टों को झामुमो ने भ्रामक बताया है और प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है। सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना ही ऐसी अफवाहों को रोकने का सबसे अहम तरीका है।









