CGL परीक्षा में कौन-कौन फंसे? 250 अभ्यर्थियों से पूछताछ, 100 संदिग्ध; CID की जांच में खुल रही परतें
एसआईटी ने संदिग्ध अभ्यर्थियों की भूमिका खंगाली, 28 पहले ही डिबार; JSSC कार्यालय में लगातार तीसरे दिन दस्तावेजों की जांच

रांची। JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले की जांच कर रही CID की SIT ने अब तक 250 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान 100 से अधिक अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। शनिवार को भी करीब दो दर्जन सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई।
SIT को आशंका है कि कुछ अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर परीक्षा में सफलता हासिल की। संदिग्ध पाए गए अभ्यर्थियों से जुड़ी जानकारी को अलग रिपोर्ट के रूप में राज्य सरकार को सौंपने की तैयारी चल रही है।
अभय तिवारी समेत 8 आरोपी पहले ही गिरफ्तार
CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच दोबारा शुरू होने के बाद CID ने सबसे पहले अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके भाई अक्षय तिवारी, पत्नी सुषमा तिवारी, सफल अभ्यर्थी एवं कथित एजेंट समीर कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, दीपक कुमार और आनंद कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।
इन गिरफ्तारियों की जानकारी CID पहले ही राज्य सरकार को दे चुकी है। अब जांच में संदिग्ध पाए गए अन्य सफल अभ्यर्थियों की भूमिका को लेकर भी सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
वीरगंज गए 28 अभ्यर्थी पहले ही डिबार
CID की पिछली जांच के आधार पर 28 सफल अभ्यर्थियों को डिबार किया जा चुका है। ये वे अभ्यर्थी हैं, जो जांच के दौरान नेपाल के वीरगंज गए थे।
हालांकि, अन्य सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके थे। ऐसे में अब जांच में संदिग्ध मिले अभ्यर्थियों की भूमिका पर CID की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
8 दिन की रिमांड के बाद सोमांश और राहुल जेल भेजे गए
ICN कंपनी से जुड़े सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को आठ दिन की रिमांड पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेजा गया।
पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर मिथिलेश सिंह की प्रमुख भूमिका होने की बात SIT को बताई है। CID को उम्मीद है कि मिथिलेश की गिरफ्तारी के बाद परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
JSSC कार्यालय में लगातार तीसरे दिन छानबीन
CID की SIT ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन JSSC कार्यालय पहुंचकर परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। टीम गुरुवार से ही यहां CGL परीक्षा और इससे जुड़ी एजेंसियों के रिकॉर्ड खंगाल रही है।
शनिवार को भी दिनभर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। यह कार्रवाई JSSC के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता की मौजूदगी में हुई। जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त भी किए हैं।
पिछले तीन दिनों में JSSC कार्यालय से परीक्षा से संबंधित कई दस्तावेज CID की टीम अपने कब्जे में ले चुकी है। अब अभ्यर्थियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच से जुटाए गए तथ्यों के आधार पर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपने की तैयारी है।
अब सरकार के सामने रखे जाएंगे जांच के अहम तथ्य
250 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ और 100 से अधिक अभ्यर्थियों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद CID की प्रारंभिक रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं, संदिग्ध अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े नेटवर्क के संबंध में सामने आए तथ्यों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।









