36 दिन से लापता थी बबली, जंगल में पेड़ के नीचे मिला कंकाल… मोबाइल ने खोला ऐसा राज कि परिजनों के उड़ गए होश
9 अगस्त को घर से निकली थी युवती, फिर नहीं लौटी; जंगल में मिले मोबाइल, कपड़े और चप्पल से हुई पहचान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

दुमका। झारखंड के दुमका जिले से एक युवती के लापता होने का मामला बेहद दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गया। गोपीकांदर थाना क्षेत्र के गोगाजोड़ जंगल में पेड़ के नीचे एक युवती का कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। करीब 36 दिनों से लापता बबली मुर्मू के परिजनों ने मौके से मिले मोबाइल, कपड़े और चप्पल के आधार पर कंकाल की पहचान बबली के रूप में की है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
जंगल में चरवाहे को मिला था मोबाइल
बताया जा रहा है कि 10 सितंबर को जंगल में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे को एक मोबाइल फोन मिला था। फोन को चार्ज कर चालू करने पर उसमें बबली की तस्वीरें दिखाई दीं।
मोबाइल के बारे में जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने उसकी पहचान बबली के फोन के रूप में की। मोबाइल से मिले सुराग के आधार पर परिजन शनिवार को गोगाजोड़ जंगल पहुंचे। वहां तलाश करने के दौरान पेड़ के नीचे कपड़े, चप्पल और कंकाल पड़ा मिला।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की और कंकाल को कब्जे में लिया।
9 अगस्त को घर से निकली थी बबली
परिजनों के मुताबिक, बबली 9 अगस्त की सुबह घर से शौच के लिए निकली थी, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद मिला।
शुरुआत में परिजनों को आशंका थी कि बबली कासियाडांगाल स्थित किसी परिचित के घर चली गई होगी। इसी वजह से परिवार ने कुछ समय तक वहां भी उसकी तलाश की।
प्रेम संबंध की बात भी आई सामने
मृतका की मां संगीता हांसदा के अनुसार, बबली का करीब तीन वर्षों से महेशपुर थाना क्षेत्र के कासियाडांगाल निवासी पोलूस मुर्मू के साथ प्रेम संबंध था। परिजनों के मुताबिक, दोनों पारंपरिक तरीके से साथ भी रह रहे थे।
बताया गया कि कुछ समय बाद दोनों मजदूरी करने दूसरे राज्य चले गए थे। वहां से लौटने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद बबली अपने मायके गोगाजोड़ लौट आई थी।
परिजनों का दावा है कि इसके बाद पोलूस कथित तौर पर बबली से वापस अपने घर आने के लिए कह रहा था।
7 अगस्त को गई थी कासियाडांगाल, 8 को लौटी
परिजनों के अनुसार, बबली 7 अगस्त को कासियाडांगाल गई थी और 8 अगस्त को वापस घर लौट आई थी। इसके अगले ही दिन यानी 9 अगस्त को वह घर से निकली, लेकिन फिर वापस नहीं आई।
अब जंगल में उसका कंकाल मिलने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
हत्या थी या कोई और वजह? जांच में जुटी पुलिस
कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के जरिए मौत की वजह और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि युवती की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह तथा घटना से जुड़े अन्य सवालों का खुलासा हो सकेगा।









