कर्नाटक की राजनीति में मातम! मंत्री डी सुधाकर का निधन, 2 महीने से जिंदगी की जंग लड़ रहे थे नेता

कर्नाटक की राजनीति से रविवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई, जिसने कांग्रेस पार्टी समेत पूरे राजनीतिक गलियारे को सदमे में डाल दिया। राज्य के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री डी सुधाकर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो महीनों से गंभीर फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे थे और बेंगलुरु के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आखिरकार रविवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।
डी सुधाकर के निधन की खबर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक हलकों में हर कोई उनके अचानक चले जाने पर स्तब्ध नजर आया। वह 66 वर्ष के थे और लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्थित कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। डॉक्टरों के मुताबिक, डी सुधाकर पिछले दो महीनों से फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे और उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी।
ಅನಾರೋಗ್ಯದಿಂದ ಚಿಕಿತ್ಸೆ ಪಡೆಯುತ್ತಿದ್ದ ನಮ್ಮ ಸಂಪುಟ ಸಹೋದ್ಯೋಗಿ, ನನ್ನ ಆತ್ಮೀಯ ಸ್ನೇಹಿತ ಡಿ. ಸುಧಾಕರ್ ಅವರು ಇಂದು ಕೊನೆಯುಸಿರೆಳೆದ ಸುದ್ದಿ ಅತೀವ ದುಃಖವನ್ನುಂಟು ಮಾಡಿದೆ.
ಹಿರಿಯೂರು ಶಾಸಕರು, ಚಿತ್ರದುರ್ಗ ಜಿಲ್ಲಾ ಉಸ್ತುವಾರಿ ಸಚಿವರು ಹಾಗೂ ರಾಜ್ಯದ ಯೋಜನೆ ಮತ್ತು ಸಾಂಖ್ಯಿಕ ಸಚಿವರಾಗಿದ್ದ ಡಿ. ಸುಧಾಕರ್ ಅವರು ಜನಪರ ಕಾಳಜಿಯುಳ್ಳ… pic.twitter.com/GFngq5BAYt
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) May 10, 2026
डी सुधाकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। वह चित्रदुर्ग जिले की हिरियूर विधानसभा सीट से विधायक थे और राज्य सरकार में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। संगठन और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने कई अहम भूमिकाएं निभाईं और क्षेत्रीय राजनीति में प्रभावशाली चेहरा बने रहे।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी उनके निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि डी सुधाकर सिर्फ मंत्रिमंडल सहयोगी ही नहीं, बल्कि करीबी साथी भी थे। शिवकुमार ने कहा कि जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
डी सुधाकर के निधन के बाद कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका माना जा रहा है। समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच मायूसी का माहौल है, जबकि उनके निवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगना शुरू हो गया है।









