फीफा विश्व कप 2026: टूर्नामेंट से पहले विवादों में अमेरिका; सेनेगल और उज्बेकिस्तान की टीमों के साथ कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठा बवाल
FIFA World Cup 2026: USA mired in controversy ahead of the tournament; uproar over strict security protocols involving the Senegal and Uzbekistan teams.

फुटबॉल विश्व कप 2026 के महाकुंभ का आगाज होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन टूर्नामेंट की सह-मेजबानी कर रहा अमेरिका खेल शुरू होने से पहले ही लगातार विवादों के घेरे में आ गया है। हाल ही में सोमालिया के एक शीर्ष रेफरी को वीजा न देने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब सेनेगल और उज्बेकिस्तान की फुटबॉल टीमों के साथ अमेरिकी एयरपोर्ट और स्टेडियम में की गई अत्यधिक सख्त सुरक्षा जांच को लेकर नई बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर इन घटनाओं के वीडियो वायरल होने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की वैश्विक स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है।
रनवे पर ही रोक दिए गए सेनेगल के खिलाड़ी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेनेगल की राष्ट्रीय टीम जब टेक्सास के सैन एंटोनियो एयरपोर्ट पर पहुंची, तो उन्हें एक बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। खिलाड़ियों को टर्मिनल के भीतर जाने देने के बजाय रनवे (टार्मक) के पास ही रोक लिया गया और उनकी गहन तलाशी ली गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सुरक्षा अधिकारी हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से खिलाड़ियों की जांच कर रहे हैं। स्पेनिश क्लब रायो वैलेकानो के लिए खेलने वाले सेनेगल के स्टार मिडफील्डर पाथे सिस के जूतों तक की मेटल डिटेक्टर से स्कैनिंग की गई। विमान से उतरते ही खुले आसमान के नीचे इस तरह की तलाशी को कई फुटबॉल प्रशंसकों ने अपमानजनक और भेदभावपूर्ण बताया है।
उज्बेकिस्तान की टीम के लिए स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल
ऐसी ही एक और चौंकाने वाली घटना 8 जून को न्यूयॉर्क के आइकान स्टेडियम में देखने को मिली। उज्बेकिस्तान की टीम नीदरलैंड के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच खेलने के लिए स्टेडियम पहुंची थी। बस से उतरते ही खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के नाम पर एक लाइन में खड़ा कर दिया गया।
जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद कड़ा रुख अपनाया:
खिलाड़ियों के बैग अलग रखवाकर जमीन पर रखवा दिए गए।
सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ से अपनी जेबें खाली कराई गईं।
मेटल डिटेक्टर से उनकी पूरी बॉडी को स्कैन किया गया।
सबसे ज्यादा विवाद टीम के सामान की जांच के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स (नशीले पदार्थों और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने वाले कुत्तों) के इस्तेमाल पर हो रहा है, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल है।
विवाद की वजह: सोशल मीडिया पर फैंस का आरोप है कि जहां सेनेगल और उज्बेकिस्तान जैसी टीमों को इस तरह की “अपमानजनक” जांच से गुजरना पड़ा, वहीं यूरोप या अन्य पश्चिमी देशों की टीमों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं देखा गया। इससे पहले अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ रेफरी उमर अर्टान (सोमालिया) को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति न मिलने पर भी काफी हंगामा हुआ था।
पहली बार विश्व कप के मंच पर दिखेगा उज्बेकिस्तान
इन कड़वे अनुभवों के बीच उज्बेकिस्तान की टीम इतिहास रचने के लिए तैयार है। यह पहला मौका है जब उज्बेकिस्तान ने फीफा विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम ने अपने क्वालिफिकेशन राउंड में शानदार खेल दिखाते हुए 16 में से 10 मैचों में जीत दर्ज की थी। इस बार उन्हें ग्रुप चरण में मजबूत टीमों के साथ जगह मिली है।
दूसरी ओर, सेनेगल की टीम चौथी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है। साल 2022 के पिछले विश्व कप में सेनेगल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राउंड ऑफ 16 (प्री-क्वार्टर फाइनल) तक का सफर तय किया था। इस बार भी टीम को अपने सबसे बड़े स्टार खिलाड़ी सादियो माने से चमत्कारी प्रदर्शन की उम्मीदें होंगी।
अब देखना यह होगा कि इन शुरुआती विवादों के बीच अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में होने वाला यह विश्व कप खेल के स्तर पर कितना सफल रहता है।









