ग्रामीण भारत के लिए बड़ा दिन: आज से लागू हुई ‘VB-G RAM G’ योजना, मनरेगा से ज्यादा काम और बढ़ी हुई मजदूरी की गारंटी
A big day for rural India: 'VB-G RAM G' scheme comes into effect today, guaranteeing more work and higher wages than MGNREGA.

केंद्र सरकार ने आज से देश के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने वाली अपनी बेहद महत्वाकांक्षी योजना ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण एक्ट 2025’ (VB-G RAM G) को देशव्यापी स्तर पर पूरी तरह लागू कर दिया है। जमीन पर उतरते ही यह नई योजना सालों से चली आ रही मनरेगा व्यवस्था के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत और फायदेमंद नजर आ रही है। इस नए कानून के तहत न केवल मजदूरों की दैनिक दिहाड़ी में बढ़ोतरी की गई है, बल्कि साल भर में मिलने वाले रोजगार के दिनों की संख्या को भी बढ़ा दिया गया है।
अब जेब में आएगी ज्यादा मजदूरी, तय हुई न्यूनतम सीमा
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना (Notification) के अनुसार, ग्रामीण मजदूरों को मिलने वाली औसतन दैनिक मजदूरी में 10 फीसदी से ज्यादा का इजाफा किया गया है।
- पुरानी दर (मनरेगा): देश भर में औसतन 298.8 रुपये प्रतिदिन।
- नई दर (G RAM G): बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हुई।
सीधा फायदा: मजदूरों को अब हर दिन के काम के बदले औसतन 28.6 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
यह नई दरें देश के सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इसके साथ ही सरकार ने पूरे देश के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी सीमा (Floor Rate) तय कर दी है, यानी देश के किसी भी कोने में अब किसी भी मजदूर को 300 रुपये से कम दिहाड़ी नहीं दी जा सकती।
100 की जगह अब 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी
इस नई योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका विस्तारित कानूनी दायरा है। नए कानून के तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इस 25 दिन के अतिरिक्त काम से ग्रामीण परिवारों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
इन राज्यों में दिखेगा सबसे बड़ा बदलाव
मंत्रालय के अनुसार, देश के 21 राज्यों में मजदूरी को नई न्यूनतम सीमा (300 रुपये) तक पहुंचा दिया गया है।
- उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम: इन राज्यों में पुरानी दरों के मुकाबले 15 से 25 फीसदी तक का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
- अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में सबसे बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहाँ मजदूरी की दरें लगभग 24.5 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से पिछड़े ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर (Standard of Living) में तेजी से सुधार आएगा।
हरियाणा, गोवा और सिक्किम में सबसे ज्यादा कमाई
जिन राज्यों में पहले से ही मजदूरी दरें अधिक थीं, वहाँ भी इस योजना के तहत बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रखा गया है। नई दरों के लागू होने के बाद शीर्ष कमाई वाले राज्य इस प्रकार हैं:
- सिक्किम (ऊंचे पहाड़ी इलाके):- ₹450 (देश में सबसे ज्यादा)
- हरियाणा:- ₹409
- गोवा:- ₹406
- केरल:- ₹401
95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी
योजना को सुचारू रूप से चलाने और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। सरकार की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की भारी-भरकम अंतरिम राशि भी जारी कर दी गई है, ताकि फंड की कमी के कारण काम में कोई रुकावट न आए।
निश्चित रूप से ‘VB-G RAM G’ योजना ग्रामीण भारत के आर्थिक सशक्तीकरण में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है।








