NMC का सख्त रुख: नियमों की अनदेखी करने वाले 70 मेडिकल कॉलेजों को मिला अंतिम अल्टीमेटम, CCTV और NVR फीड शेयर करना अनिवार्य
NMC's strict stance: 70 medical colleges flouting rules receive final ultimatum; sharing CCTV and NVR feeds made mandatory.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देश के 70 मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है. आयोग ने ऐसे संस्थानों की पहचान की है जिन्होंने अभी तक अनिवार्य सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और निगरानी प्रणाली से जुड़े नियमों को पूरा नहीं किया है. एनएमसी ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर इन सभी 70 संस्थानों को तुरंत मानकों का पालन करने का सख्त निर्देश दिया है, ऐसा न करने पर आने वाले दिनों में इन कॉलेजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
क्या हैं NMC के नए और अनिवार्य मानक
एनएमसी द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, आयोग के दायरे में आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए निम्नलिखित मानकों को पूरा करना कानूनी रूप से अनिवार्य है:
- 25 सीसीटीवी कैमरे: कॉलेज परिसर के महत्वपूर्ण हिस्सों में तय मानकों के मुताबिक कम से कम 25 सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे.
- NVR सिस्टम: परिसर में नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) स्थापित करना अनिवार्य है.
- 30 दिनों का बैकअप: इन कैमरों की रिकॉर्डिंग को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा.
- लाइव फीड शेयरिंग: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कॉलेजों को अपने एनवीआर (NVR) की लाइव फीड सीधे राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के साथ साझा करनी होगी.
आयोग की दो टूक- यह कोई नया नियम नहीं
एनएमसी ने साफ किया है कि यह कोई अचानक से लाया गया नया नियम नहीं है. आयोग इससे पहले भी अलग-अलग नियमों और अधिसूचनाओं के जरिए ये निर्देश जारी कर चुका है. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- यूजी मेडिकल एजुकेशन स्टैंडर्ड रेगुलेशंस (UGMSR-2023)
- पीजी मेडिकल एजुकेशन स्टैंडर्ड रेगुलेशंस (PGMSR-2023 संशोधन)
- एमएआरबी रेगुलेशंस-2023 (MARB Regulations-2023)
इन स्पष्ट नियमों के बावजूद, कई मेडिकल कॉलेज लंबे समय से इनकी अनदेखी कर रहे हैं.
बार-बार याद दिलाने के बाद उठाया गया कदम
आयोग के मुताबिक, जिन संस्थानों ने अभी तक अपने सीसीटीवी सिस्टम और एनवीआर को आयोग के सर्वर से नहीं जोड़ा था, उनसे लगातार संपर्क किया जा रहा था. कई बार रिमाइंडर (याद दिलाने के लिए नोटिस) भेजने के बाद भी इन कॉलेजों ने आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कीं. आखिरकार हार मानकर आयोग को इन 70 डिफॉल्टर कॉलेजों के नाम सार्वजनिक करते हुए यह नोटिस जारी करना पड़ा.
पारदर्शिता के लिए जरूरी है निगरानी: एनएमसी का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में सीसीटीवी की व्यवस्था केवल एक औपचारिकता या दिखावा नहीं है. यह चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता लाने और नियामक व्यवस्था (Regulatory System) को मजबूत करने का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, ताकि कॉलेजों की गतिविधियों पर सीधी नजर रखी जा सके.
आयोग ने नोटिस में उन सभी 70 संस्थानों की सूची साझा करते हुए चेतावनी दी है कि वे बिना किसी देरी के तुरंत सीसीटीवी कैमरे लगाने, एनवीआर स्थापित करने और उसकी फीड एनएमसी के साथ साझा करने की प्रक्रिया को तुरंत पूरा करें.








