झारखंड बाइक ब्लास्ट केस में NIA का बड़ा धमाका! 2 आरोपी गिरफ्तार, छापे में मिले 1600 डेटोनेटर और ₹16 लाख कैश
झारखंड बाइक ब्लास्ट केस में NIA ने कोडरमा में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया। छापेमारी में 1600 से अधिक डेटोनेटर, ₹16 लाख नकद और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए।

Jharkhand Bike Blast Case: झारखंड के चर्चित बाइक ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडरमा से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एनआईए की छापेमारी के दौरान 1600 से अधिक डेटोनेटर, 16 लाख रुपये नकद और 22 भूखंडों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
दो टीमों ने एक साथ मारे छापे
जानकारी के अनुसार, एनआईए की 12 सदस्यीय टीम ने गुरुवार सुबह कोडरमा के डोमचांच इलाके में एक साथ दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस अभियान में स्थानीय पुलिस के तीन थानों की टीम ने भी सहयोग किया।
जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि डोमचांच क्षेत्र में विस्फोटकों का अवैध भंडारण किया जा रहा है और उनकी तस्करी का नेटवर्क संचालित हो रहा है। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।
मैगजीन हाउस से दो आरोपी गिरफ्तार
एनआईए ने नवादा स्थित मैगजीन हाउस से उसके संचालक शंकर यादव और उसके पार्टनर महेश मेहता को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही शंकर यादव के आवास पर छापेमारी कर 16 लाख रुपये नकद, 22 भूखंडों के दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए।
दोनों आरोपियों को कोडरमा थाना लाकर देर शाम तक पूछताछ की गई। जांच एजेंसी अब विस्फोटकों की आपूर्ति, भंडारण और तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
1600 से ज्यादा डेटोनेटर बरामद
छापेमारी के दौरान एनआईए को 1600 से अधिक डेटोनेटर मिले हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन विस्फोटकों की आपूर्ति किन लोगों तक की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन शामिल है।
2024 में दर्ज हुआ था मामला
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत 8 अक्टूबर 2024 को हुई थी, जब पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा थाना क्षेत्र में विस्फोटकों के अवैध भंडारण का मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर यह केस एनआईए तक पहुंचा और अब झारखंड में यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी NIA
एनआईए अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि विस्फोटकों का यह नेटवर्क कितना बड़ा है, किन राज्यों तक इसकी पहुंच है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। एजेंसी का मानना है कि पूछताछ से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।









