Nepal Flood: मौतों का आंकड़ा 538 पार, 320 भारतीय अब भी लापता! ऊपर बनी झील ने बढ़ाई टेंशन, फिर बाढ़ का खतरा

काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आपदा के बाद अब तक 538 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 320 भारतीय नागरिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन के बाद बनी झील का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

स्थिति को देखते हुए नेपाल में खोज और बचाव अभियान बेहद सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों की टीमें प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।

आठ जिलों से मिले 538 शव

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक आठ जिलों से शव बरामद किए जा चुके हैं।

जारी आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा शव चितवन और नवलपरासी पूर्व से बरामद हुए हैं।

  • नवलपरासी पूर्व: 134 शव
  • चितवन: 221 शव
  • गोरखा: 46 शव
  • नुवाकोट: 37 शव
  • धाडिंग: 33 शव
  • तनु: 28 शव
  • नवलपरासी पश्चिम: 27 शव
  • रसुवा: 12 शव

बाढ़ के बाद मलबे और तेज बहाव वाले इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

320 भारतीयों का अब तक पता नहीं

नेपाल की इस त्रासदी के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बढ़ी हुई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक 320 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।

वहीं करीब 400 भारतीय नागरिक चीन की ओर फंसे हुए थे, लेकिन उनके सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा 96 अन्य भारतीय जमीन के रास्ते नेपाल पहुंच चुके हैं।

लापता भारतीयों की तलाश के लिए संबंधित एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं।

7,451 सुरक्षाकर्मी राहत अभियान में जुटे

नेपाल पुलिस के मुताबिक आपदा के तीसरे दिन भी बड़े स्तर पर खोज और बचाव अभियान जारी रहा।

इस अभियान में कुल 7,451 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं, जिनमें 2,391 नेपाल सेना के जवान शामिल हैं।

सुरक्षा बलों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के बीच लोगों की तलाश कर रही हैं और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है।

लेकिन खतरा अभी टला नहीं… फिर आ सकती है बाढ़

सबसे बड़ी चिंता अब उस झील को लेकर है, जो तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन के बाद बनी है।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने चेतावनी दी है कि झील का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में आसपास के इलाकों में एक और बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

यानी जिस आपदा से नेपाल अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है, उसके बीच एक नई चुनौती सामने आ गई है।

भोटेकोशी और त्रिशूली इलाके में रहने वालों को अलर्ट

NDRRMA ने खोज और बचाव अभियान में जुटे लोगों के साथ-साथ भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की अपील की है।

प्राधिकरण ने कहा है कि किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर लोग बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।

नेपाल में बाढ़ से हुई भारी जनहानि के बाद राहत अभियान जारी है, लेकिन बढ़ते जलस्तर और नई बाढ़ की आशंका ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर है कि तिब्बत सीमा के पास बनी झील का जलस्तर कितना बढ़ता है और क्या इससे निचले इलाकों में दोबारा संकट पैदा होता है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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