विधानसभा में अचानक उठे CM विजय, मंत्रियों की कुर्सी पर जाकर बैठे! टूटी सालों पुरानी परंपरा, सदन में हर किसी की नजर उन पर टिक गई

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में गुरुवार को उस वक्त सबकी नजरें मुख्यमंत्री थलापति विजय पर टिक गईं, जब उन्होंने सदन की सालों पुरानी बैठने की परंपरा को तोड़ते हुए अपनी तय कुर्सी छोड़ दी और मंत्रियों के साथ लगी अगली कतार में जाकर बैठ गए।

मुख्यमंत्री का यह कदम विधानसभा में चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि आम तौर पर मुख्यमंत्री के लिए स्पीकर की कुर्सी के पास अलग सीट निर्धारित होती है। वहीं मंत्री मुख्यमंत्री के साथ अगली कतार में अपनी वरिष्ठता के आधार पर तय सीटों पर बैठते हैं।

अचानक सीएम ने बदल दी अपनी सीट

गुरुवार दोपहर विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने स्पीकर JCD प्रभाकर के दाईं ओर स्थित अपनी निर्धारित कुर्सी छोड़ दी।

इसके बाद वह मंत्रियों के लिए निर्धारित अगली कतार में जाकर मंत्री KA सेंगोट्टैयन और आधव अर्जुन के बीच बैठ गए।

सदन में मौजूद लोगों के लिए यह नजारा इसलिए भी असामान्य था, क्योंकि किसी मुख्यमंत्री का अपनी पद के लिए निर्धारित सीट छोड़कर मंत्री की सीट पर जाकर बैठना बेहद दुर्लभ माना जाता है।

आखिर क्यों चर्चा में आया विजय का यह कदम?

विधानसभा में मंत्री और विधायक कई बार आपस में बातचीत करने या किसी खास मुद्दे पर चर्चा के लिए अपनी सीट बदल लेते हैं। लेकिन सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री का इस तरह अपनी निर्धारित सीट छोड़कर मंत्री वाली सीट पर बैठना पहले कभी देखने को नहीं मिला।

यही वजह रही कि कार्यवाही के दौरान विजय के सीट बदलने का मामला सदन में चर्चा का अहम विषय बन गया।

विपक्ष के सवाल पर क्या जवाब मिला?

कार्यवाही के दौरान विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दे का जवाब देते हुए आधव अर्जुन ने बताया कि विभागों के सचिव विधानसभा के पास ही बनाए गए एक ‘वॉर रूम’ में मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि अधिकारी विधायकों के भाषणों और सदन में उठाए जा रहे मुद्दों को नोट कर रहे थे।

इस दौरान मुख्यमंत्री विजय का मंत्रियों के बीच जाकर बैठना भी सदन की कार्यवाही का खास आकर्षण बन गया।

विधानसभा में कैसी होती है बैठने की परंपरा?

तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री आम तौर पर स्पीकर की कुर्सी के पास निर्धारित सीट पर बैठते हैं। वहीं मंत्रियों की सीटें मुख्यमंत्री के साथ अगली कतार में होती हैं और आमतौर पर उनकी जगह वरिष्ठता के आधार पर तय होती है।

दूसरी ओर विपक्षी दल सत्ता पक्ष के सामने वाली कतारों में बैठते हैं। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में विपक्ष के नेता और विभिन्न दलों के नेताओं की सीटें उनकी संख्या-शक्ति के आधार पर तय होती हैं।

पहली बार दिखा ऐसा नजारा?

मुख्यमंत्री विजय का अपनी तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच जाकर बैठना गुरुवार की विधानसभा कार्यवाही के सबसे चर्चित पलों में से एक बन गया।

हालांकि सीट बदलने के पीछे उनकी कोई विशेष वजह थी या यह सिर्फ कार्यवाही के दौरान सहज रूप से लिया गया फैसला था, इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।

लेकिन इतना जरूर है कि मुख्यमंत्री की एक छोटी-सी सीट बदलने की कार्रवाई ने तमिलनाडु विधानसभा की पुरानी परंपरा और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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