धनबाद: फहीम खान के घर गोलीबारी मामले में 22 साल बाद आया फैसला, AK-47 से फायरिंग मामले में तीन दोषी, 3 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर फैसला

धनबाद। 22 साल बाद धनबाद गोलीकांड में फैसला आया है। गैंगस्टर फहीम खान के घर पर वर्ष 2004 में हुई अंधाधुंध फायरिंग के चर्चित मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और कथित शूटर तनवीर आलम को दोषी पाया है। अब अदालत 3 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर अपना फैसला सुनाएगी।
दरअसल यह पूरा मामला 29 जनवरी 2004 का है। आरोप है कि फहीम खान के घर पर AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। घटना के दौरान फहीम खान ने पड़ोसी की छत से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी। हालांकि, फायरिंग में उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौत हो गई थी। मृतक विनोद शर्मा बिहार के अरवल जिले के रहने वाले थे और फहीम खान के बॉडीगार्ड के तौर पर तैनात थे। गोलीबारी के दौरान शाहिद आलम के पैर में भी गोली लगी थी।
तीन आरोपियों के खिलाफ चल रहा था ट्रायल
इस चर्चित मामले में साबिर आलम के भाई शाहिद आलम, वासेपुर निवासी शहादत हुसैन और पटना निवासी कथित शूटर तनवीर आलम के खिलाफ अदालत में ट्रायल चल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह पेश किए गए।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत के फैसले के बाद अब मामले में सजा की अवधि को लेकर सुनवाई होगी।
2004 में हुई थी सनसनीखेज वारदात
29 जनवरी 2004 को हुई इस घटना ने धनबाद के अपराध जगत में काफी चर्चा बटोरी थी। फहीम खान के घर को निशाना बनाकर की गई फायरिंग में कई राउंड गोलियां चलाई गई थीं। हमले के दौरान फहीम खान ने मौके से निकलकर अपनी जान बचाई थी, लेकिन उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की गोली लगने से मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले में लंबे समय तक सुनवाई चलने के बाद अब अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है।अब सभी की नजर 3 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर है, जब अदालत दोषियों को दी जाने वाली सजा के बिंदु पर अपना निर्णय सुनाएगी।









