शराब की नई दुकान खोलने से पहले देखना होगा 500 मीटर का फासला, गांवों में 1 KM का नया नियम
पश्चिम बंगाल सरकार ने नए शराब लाइसेंस के नियमों में किया बदलाव, स्कूल-कॉलेज और धार्मिक स्थलों से शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तो ग्रामीण इलाकों में 1 किलोमीटर की दूरी अनिवार्य

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शराब की नई दुकानें खोलने को लेकर आबकारी नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने नए खुदरा शराब लाइसेंस के लिए स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों से न्यूनतम दूरी बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत शहरी और नगरपालिका क्षेत्रों में नई शराब की दुकानें शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों से कम से कम 500 मीटर दूर होंगी। वहीं ग्रामीण और गैर-नगरपालिका क्षेत्रों में यह दूरी बढ़ाकर 1 किलोमीटर कर दी गई है। पहले यह न्यूनतम दूरी करीब 300 मीटर थी।
नए लाइसेंस पर लागू होगा दूरी का नियम
हालिया सरकारी अधिसूचना के अनुसार ग्रामीण और गैर-नगरपालिका क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और धार्मिक संस्थानों के 1 किलोमीटर के दायरे में नई शराब दुकान का लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। कोलकाता नगर निगम और अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में नए लाइसेंस के लिए न्यूनतम दूरी 500 मीटर रखी गई है। यह नियम नई दुकानों और नए लाइसेंस पर लागू होगा। पहले से संचालित शराब दुकानों को इस बदलाव के कारण बंद नहीं किया जाएगा।
पहले 1,000 फीट थी दूरी
नए नियम से पहले शराब की नई दुकान के लिए न्यूनतम दूरी 1,000 फीट यानी करीब 300 मीटर निर्धारित थी। अब शहरी क्षेत्रों में इसे बढ़ाकर 500 मीटर कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण और गैर-नगरपालिका क्षेत्रों में 1 किलोमीटर की सीमा लागू की गई है। सरकार की ओर से यह बदलाव नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर किया गया है।
1 किलोमीटर के दायरे में पहले से चल रहीं हजारों दुकानें
रिपोर्टों के मुताबिक राज्य में स्कूलों, कॉलेजों और धार्मिक स्थलों के 1 किलोमीटर के दायरे में 4,000 से अधिक शराब दुकानें, ऑफ-शॉप और बार पहले से संचालित हैं। हालांकि, नई व्यवस्था का असर इन मौजूदा प्रतिष्ठानों पर नहीं पड़ेगा। यानी सिर्फ इस वजह से पहले से चल रही दुकानों के लाइसेंस रद्द नहीं होंगे।
बंद पड़ी शराब दुकानें फिर खुल सकेंगी
नई व्यवस्था में लंबे समय से बंद पड़ी शराब दुकानों को भी कुछ शर्तों के साथ दोबारा खोलने की अनुमति का प्रावधान किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार इनमें वे दुकानें शामिल हैं जो कानूनी विवाद, लाइसेंस सरेंडर या अन्य कारणों से बंद हैं। राज्य में ऐसी करीब 300 बंद दुकानों का उल्लेख किया गया है। वहीं कुल सक्रिय शराब दुकानों और ऑफ-शॉप की संख्या करीब 6,500 बताई जा रही है।
बार से ऑफ-शॉप खोलने के लिए भी नया प्रावधान
नई नीति में बार के जरिए नई ऑफ-शॉप खोलने के लिए आबकारी अधिनियम की धारा 4P को भी लागू किया गया है। इस प्रावधान को लेकर शराब कारोबार से जुड़े कुछ लोगों ने चिंता जताई है। रिपोर्टों के मुताबिक इस व्यवस्था में राज्य की एजेंसी के लिए मार्जिन का प्रावधान है, जिसे लेकर कारोबारियों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई है।
इस तरह पश्चिम बंगाल में नए शराब लाइसेंस को लेकर दूरी के नियम अब पहले की तुलना में सख्त हो गए हैं। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों के आसपास नई शराब दुकान खोलने के लिए 1 किलोमीटर की सीमा लागू की गई है, जबकि शहरी और नगरपालिका क्षेत्रों में यह सीमा 500 मीटर रखी गई है।









