तीन महीने में नक्सलियों का सफाया? झारखंड के 4 जिलों में ऑपरेशन तेज, 6 इनामी चेहरे पुलिस के निशाने पर

पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा में सर्च ऑपरेशन बढ़ा, सीमावर्ती इलाकों में बिहार पुलिस के साथ समन्वय से निगरानी तेज

पलामू। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को और तेज करने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा जिलों में अगले तीन महीने के भीतर नक्सली गतिविधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अभियान को प्रभावी बनाने और सीमावर्ती इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाने को कहा गया है।

पलामू के एसपी कपिल चौधरी, लातेहार के एसपी कुमार गौरव, चतरा के एसपी अनिमेष नैथानी और गढ़वा के एसपी आशुतोष शेखर के नेतृत्व में नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं चतरा और पलामू रेंज के डीआईजी को पड़ोसी राज्य की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सर्च ऑपरेशन बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में बताया था कि देश का कोई भी जिला अब आधिकारिक तौर पर LWE प्रभावित जिले की श्रेणी में नहीं है। ऐसे में झारखंड पुलिस की यह कार्रवाई मुख्य रूप से बचे हुए सक्रिय नक्सली नेटवर्क और उनके संभावित ठिकानों के खिलाफ अभियान के रूप में सामने आ रही है।

छह इनामी नक्सली पुलिस के रडार पर

पुलिस के अभियान में छह इनामी नक्सलियों पर खास नजर होने की बात सामने आई है। इनमें सबसे अधिक 15 लाख रुपये का इनाम नितेश यादव पर बताया गया है। इसके अलावा गोदराय यादव उर्फ संजय यादव और मनोहर गंझू पर 10-10 लाख रुपये, छोटेलाल भुइयां और पंकज कोरबा पर 5-5 लाख रुपये तथा सुदेश्वर गंझू पर 1 लाख रुपये का इनाम बताया गया है।

हाल की रिपोर्टों में भी झारखंड में बचे हुए इनामी माओवादियों की संख्या सीमित होने और इनमें अधिकांश के पलामू, गढ़वा और लातेहार क्षेत्र से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि विभिन्न रिपोर्टों में नाम और इनाम की राशि में अंतर दिखाई देता है, इसलिए अंतिम आधिकारिक सूची की पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड से ही होगी।

जंगल से बॉर्डर तक पुलिस की नजर

पलामू-चतरा सीमा के साथ-साथ बिहार से सटे इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। जंगल और सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस तथा सुरक्षा बलों की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। बिहार पुलिस के साथ समन्वय कर निगरानी बढ़ाने का उद्देश्य नक्सलियों की संभावित आवाजाही और उनके ठिकानों की जानकारी जुटाना बताया जा रहा है।

पुलिस की रणनीति केवल जंगलों में छिपे संदिग्धों की तलाश तक सीमित नहीं है। कथित नक्सली नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और सपोर्ट सिस्टम की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की ओर से नक्सलियों से हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील की जा रही है, जबकि आत्मसमर्पण नहीं करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

IG अभियान की निगरानी में ऑपरेशन

पूरे अभियान की निगरानी IG अभियान नरेंद्र सिंह के स्तर से किए जाने की जानकारी दी गई है। पलामू में एसपी कपिल चौधरी, गढ़वा में एसपी आशुतोष शेखर, लातेहार में एसपी कुमार गौरव और चतरा में एसपी अनिमेष नैथानी के नेतृत्व में कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

पलामू रेंज के डीआईजी कौशल किशोर के अनुसार, मुख्यालय के निर्देश पर ऑपरेशन क्लीन के तहत कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अभियान के लिए बिहार पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है।

शशिकांत गंझू और नितेश यादव की तलाश तेज

इधर, CRPF की तकनीकी क्षमताओं से मिले इनपुट के आधार पर TSPC से जुड़े शशिकांत गंझू और माओवादी नितेश यादव की गतिविधियों तथा संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने की बात सामने आई है। इन इनपुट के आधार पर संबंधित इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

सुरक्षा कारणों से किसी भी अभियान की सटीक लोकेशन और ऑपरेशनल जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। अब अगले कुछ सप्ताह इन चार जिलों में सुरक्षा बलों की गतिविधियों के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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