चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए महंगे प्रोडक्ट ही नहीं, योग भी आएगा काम? जानिए 5 आसान आसन, सही तरीका और जरूरी सावधानियां

तनाव कम करने, शरीर को आराम देने और बेहतर दिनचर्या बनाने में मदद कर सकता है योग। ताड़ासन से लेकर शवासन तक, जानिए घर पर किए जा सकने वाले आसान अभ्यास और त्वचा को स्वस्थ रखने के जरूरी तरीके।

नई दिल्ली। चेहरे पर थकान, बेजान त्वचा और ताजगी की कमी महसूस होने पर कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और तनाव को नियंत्रित करना भी महत्वपूर्ण है। योग इन आदतों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर को आराम देने, मानसिक तनाव कम करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में सहायता मिल सकती है, जिसका अप्रत्यक्ष असर चेहरे की ताजगी पर भी दिखाई दे सकता है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी खास योगासन से चेहरे पर चमक आने, त्वचा का रंग साफ होने या दाग-धब्बे मिटने की गारंटी नहीं है। योग को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा मानकर अपनाना बेहतर है। आइए जानते हैं पांच आसान योगाभ्यास, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

तनाव और त्वचा का क्या है संबंध?

तनाव का असर केवल मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि त्वचा पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों में तनाव के दौरान मुंहासे, खुजली या एक्जिमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। तनाव के कारण नींद प्रभावित होने पर चेहरे पर थकान भी नजर आ सकती है।

ऐसे में योग और सांसों पर ध्यान देने वाले अभ्यास मन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन योग त्वचा संबंधी बीमारियों का इलाज नहीं है। यदि त्वचा पर लगातार दाने, खुजली, सूजन या अन्य परेशानी बनी रहती है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

ताड़ासन: शरीर को दें सहज खिंचाव

ताड़ासन एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है। यह शरीर की स्थिति और संतुलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

कैसे करें अभ्यास: सबसे पहले समतल जगह पर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें और शरीर का वजन दोनों पैरों पर बराबर रखें। सांस लेते हुए दोनों हाथों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कंधों को आराम की स्थिति में रखें और गर्दन सीधी रखें। शुरुआत में एड़ियों को जमीन पर ही टिकाए रखें। दो से तीन सामान्य सांसों तक इस स्थिति में रहने के बाद हाथ नीचे ले आएं।

इस अभ्यास को दो से तीन बार दोहरा सकते हैं। खिंचाव बढ़ाने के लिए कमर को पीछे मोड़ने या सांस रोकने की कोशिश न करें।

शशांकासन: शरीर और मन को दें आराम

शशांकासन में शरीर को आगे की ओर झुकाकर आरामदायक स्थिति में रखा जाता है। यह कुछ लोगों को विश्राम का अनुभव कराने में मदद कर सकता है।

कैसे करें अभ्यास: घुटने मोड़कर एड़ियों की ओर बैठ जाएं। यदि आरामदायक लगे तो घुटनों के बीच थोड़ा अंतर रखें। सांस छोड़ते हुए धड़ को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाएं और हाथ सामने रखें। यदि माथा जमीन तक नहीं पहुंचता है, तो उसके नीचे तकिया रख सकते हैं। कुछ सामान्य सांसें लेने के बाद धीरे-धीरे वापस बैठ जाएं।

इस दौरान घुटनों और टखनों पर अनावश्यक दबाव न डालें। यदि इन जोड़ों में दर्द हो या आगे झुकने से परेशानी बढ़े, तो इस आसन को छोड़ दें। माथे को जमीन से लगाना जरूरी नहीं है।

सरल भुजंगासन: पीठ को दें हल्का खिंचाव

भुजंगासन पेट के बल लेटकर किया जाने वाला योगासन है। इसका हल्का अभ्यास कुछ लोगों को पीठ और शरीर के ऊपरी हिस्से में खिंचाव महसूस कराने में मदद कर सकता है।

कैसे करें अभ्यास: सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं और पैरों को सहज दूरी पर रखें। दोनों हथेलियां कंधों के पास जमीन पर टिकाएं और कोहनियों को शरीर के करीब रखें। सांस लेते हुए सिर और छाती के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे थोड़ा ऊपर उठाएं। पेट का निचला हिस्सा जमीन पर रहने दें। गर्दन को पीछे की ओर ज्यादा न मोड़ें। एक या दो सामान्य सांसों के बाद धीरे-धीरे वापस नीचे आ जाएं।

शुरुआत में कम ऊंचाई तक उठना पर्याप्त है। कमर में दर्द, चुभन या असहजता महसूस होने पर तुरंत अभ्यास रोक दें। गंभीर कमर या रीढ़ की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना यह आसन न करें।

सुखासन: सांसों पर ध्यान देकर करें मन शांत

सुखासन में आराम से बैठकर सांसों की आवाजाही पर ध्यान दिया जाता है। यह अभ्यास व्यस्त दिनचर्या में कुछ मिनट मानसिक विश्राम के लिए निकाले जा सकते हैं।

कैसे करें अभ्यास: आराम से पालथी लगाकर बैठें। यदि जमीन पर बैठने में परेशानी होती है, तो पीठ को सहारा देकर कुर्सी पर बैठ सकते हैं। कंधों को ढीला रखें और चेहरे की मांसपेशियों को सहज छोड़ दें। नाक से सामान्य गति में सांस लें और आराम से छोड़ें। एक से तीन मिनट तक सांसों की आवाजाही पर ध्यान केंद्रित करें।

सांसों को जबरदस्ती गहरा करने या रोकने की जरूरत नहीं है। यदि चक्कर आए या बेचैनी महसूस हो, तो अभ्यास रोककर सामान्य तरीके से सांस लें।

शवासन: अभ्यास के बाद शरीर को दें पूरा आराम

शवासन योगाभ्यास के बाद शरीर को आराम देने की एक सरल मुद्रा है। इसमें शरीर को स्थिर रखकर मांसपेशियों के तनाव को कम करने पर ध्यान दिया जाता है।

कैसे करें अभ्यास: पीठ के बल लेट जाएं और हाथ-पैरों को थोड़ी दूरी पर रखें। हथेलियां ऊपर की ओर रखें और कंधों को ढीला छोड़ दें। यदि कमर में असुविधा हो, तो घुटनों के नीचे तकिया रख सकते हैं। आंखें बंद करके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को सहज छोड़ने पर ध्यान दें। तीन से पांच मिनट तक आराम करें।

अभ्यास पूरा होने पर तुरंत उठने के बजाय पहले करवट लें और फिर हाथों की मदद से धीरे-धीरे बैठें। इस तरह कुछ समय विश्राम करने से योग की दिनचर्या सहज बन सकती है।

योग के साथ त्वचा की देखभाल भी है जरूरी

चेहरे को स्वस्थ रखने के लिए योग के साथ त्वचा की बुनियादी देखभाल करना भी जरूरी है। त्वचा के प्रकार के अनुसार सौम्य क्लींजर से चेहरा साफ करें और जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं। बाहर निकलते समय धूप से बचाव के लिए छाया और ढकने वाले कपड़ों का इस्तेमाल करें। साथ ही कम से कम एसपीएफ 30 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं।

पसीना आने के बाद चेहरे को जोर-जोर से रगड़ने के बजाय धीरे से साफ करें। पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार खाएं और दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। इन आदतों से समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

शुरुआत पांच से दस मिनट से करें

यदि आप पहली बार योग कर रहे हैं, तो शुरुआत पांच से दस मिनट के आसान अभ्यास से कर सकते हैं। हर आसन को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार करें और जरूरत पड़ने पर बीच में आराम लें। दर्द सहकर अभ्यास करना लाभ का संकेत नहीं है।

गर्भावस्था, हाल ही में हुई सर्जरी, गंभीर कमर या गर्दन की समस्या अथवा किसी अन्य बीमारी की स्थिति में चिकित्सक और योग्य योग प्रशिक्षक से सलाह लेकर ही अभ्यास करें।

ध्यान रखें: चेहरे की ताजगी के लिए किसी एक योगासन पर निर्भर रहने के बजाय नियमित योग, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और सही त्वचा देखभाल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। योग से मिलने वाले लाभ हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं और त्वचा संबंधी लगातार बनी रहने वाली समस्याओं के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।

 

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close