रातभर करवटें बदलते हैं और नींद नहीं आती? मकरासन से मिलेगी राहत! तनाव, थकान और कमर दर्द में भी हो सकता है फायदा
भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और बेचैनी आपकी नींद छीन रहे हैं तो मकरासन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। जानिए मगरमच्छ जैसी इस योग मुद्रा को करने का तरीका, शरीर को मिलने वाले संभावित फायदे और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, मानसिक थकान और अनियमित दिनचर्या के कारण कई लोगों को रात में अच्छी नींद लेने में परेशानी होती है। बिस्तर पर जाने के बाद भी देर तक नींद नहीं आती और सुबह उठने पर शरीर थका हुआ महसूस होता है। ऐसे में योग की कुछ आरामदायक मुद्राएं शरीर और मन को शांत करने में मदद कर सकती हैं। इन्हीं में से एक है मकरासन, जिसे रिलैक्सिंग पोज के रूप में भी जाना जाता है।
मकरासन में व्यक्ति पेट के बल लेटकर शरीर को आराम देता है और सांसों को सहज बनाए रखता है। यह मुद्रा पीठ, कमर और कंधों की मांसपेशियों को आराम देने में मदद कर सकती है। धीमी और सहज सांसों के साथ इसका अभ्यास मानसिक तनाव कम करने और विश्राम की अनुभूति बढ़ाने में भी सहायक हो सकता है। हालांकि, अनिद्रा का इलाज केवल इस योगासन पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
क्या है मकरासन और क्यों माना जाता है आरामदायक?
मकरासन संस्कृत के दो शब्दों, ‘मकर’ और ‘आसन’, से मिलकर बना है। यहां मकर का अर्थ मगरमच्छ और आसन का अर्थ मुद्रा है। इस योगासन में व्यक्ति मगरमच्छ की तरह पेट के बल लेटकर आरामदायक स्थिति में रहता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, मकरासन शरीर को आराम देने वाले योगाभ्यासों में शामिल है। इसका अभ्यास पीठ, कमर और कंधों की मांसपेशियों को शिथिल करने में मदद कर सकता है। आरामदायक मुद्रा में रहने और सांसों पर ध्यान देने से शरीर में तनाव की अनुभूति कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
यह आसन उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं और पीठ या कमर में जकड़न महसूस करते हैं। हालांकि, स्लिप डिस्क या रीढ़ की किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को इसे करने से पहले चिकित्सक या योग्य योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
तनाव और बेचैनी कम करने में कैसे मिल सकती है मदद?
जब व्यक्ति तनाव में होता है, तो शरीर का तंत्रिका तंत्र सतर्क अवस्था में रह सकता है। ऐसे में शरीर को आराम देने वाली मुद्रा में रहना और धीरे-धीरे सांस लेना विश्राम की अनुभूति बढ़ा सकता है।
मकरासन के दौरान सहज और धीमी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से कुछ लोगों को मानसिक शांति महसूस हो सकती है। आराम की यह प्रक्रिया तनाव और बेचैनी कम करने में सहायक हो सकती है। नियमित रूप से विश्राम और योग का अभ्यास करने से सोने से पहले मन को शांत करने वाली दिनचर्या बनाने में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि मकरासन करने से हर व्यक्ति में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर निश्चित रूप से कम हो जाता है या अनिद्रा पूरी तरह ठीक हो जाती है। इसका प्रभाव व्यक्ति की स्थिति और नींद की समस्या के कारण पर निर्भर करता है।
पीठ, कमर और कंधों की जकड़न में भी हो सकता है फायदा
मकरासन का एक प्रमुख उद्देश्य शरीर को आराम देना है। पेट के बल लेटकर उचित स्थिति में रहने से पीठ और कमर की मांसपेशियों को कुछ लोगों में राहत महसूस हो सकती है। कंधों और शरीर के ऊपरी हिस्से में तनाव महसूस करने वाले लोगों को भी इससे आराम मिल सकता है।
रीढ़ की समस्या या लगातार पीठ दर्द होने पर इस आसन को इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। यदि अभ्यास के दौरान दर्द बढ़े, हाथ-पैरों में झनझनाहट हो या असहजता महसूस हो, तो तुरंत रुक जाना चाहिए।
मकरासन करने का सही तरीका क्या है?
सबसे पहले समतल जगह पर योग मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को आरामदायक दूरी पर रखें और शरीर को ढीला छोड़ दें। अब दोनों हाथों को मोड़कर उनके सहारे सिर को आराम दें। कुछ लोग ठोड़ी या माथे को हाथों पर टिकाकर भी यह मुद्रा करते हैं। ऐसी स्थिति चुनें जिसमें गर्दन पर दबाव न पड़े।
अब आंखें बंद करके सामान्य और सहज सांस लें। सांस को जबरदस्ती गहरा करने या रोकने की कोशिश न करें। शरीर की मांसपेशियों को ढीला छोड़ें और कुछ समय तक आराम करें। शुरुआत में थोड़ी देर अभ्यास करें और अपनी सहजता के अनुसार समय बढ़ाएं।
यदि पेट के बल लेटने से कमर, गर्दन या पेट में दर्द होता है, तो इस मुद्रा को करने से बचें और किसी योग्य योग प्रशिक्षक से वैकल्पिक अभ्यास के बारे में पूछें।
क्या मकरासन से अनिद्रा दूर हो सकती है?
मकरासन कुछ लोगों को तनाव कम करने और सोने से पहले शरीर को आराम देने में मदद कर सकता है। लेकिन अनिद्रा के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें चिंता, अवसाद, दर्द, कुछ दवाएं, अनियमित दिनचर्या और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं। इसलिए केवल मकरासन करने से नींद की समस्या दूर होने की गारंटी नहीं है।
बेहतर नींद के लिए रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं। सोने से पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें, शाम के बाद कैफीन लेने से बचें और कमरे को शांत तथा आरामदायक रखें। नियमित शारीरिक गतिविधि भी नींद की गुणवत्ता में मदद कर सकती है।
यदि कई सप्ताह तक नींद आने में परेशानी बनी रहे, दिनभर अत्यधिक थकान महसूस हो या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लें। लगातार होने वाली अनिद्रा के लिए चिकित्सकीय मूल्यांकन और जरूरत के अनुसार विशेष उपचार जरूरी हो सकता है।
किन लोगों को मकरासन करते समय सावधानी रखनी चाहिए?
गंभीर चोट, हाल ही में हुई सर्जरी या पेट के बल लेटने में परेशानी होने पर मकरासन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान भी पेट के बल लेटने वाली इस मुद्रा से बचना चाहिए, जब तक कि चिकित्सक विशेष रूप से इसकी अनुमति न दें।
रीढ़ की गंभीर समस्या, लगातार कमर दर्द या सांस लेने में परेशानी वाले लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार उपयुक्त योगासन चुनना चाहिए।
ध्यान रखें: मकरासन शरीर को आराम देने और तनाव कम करने वाली दिनचर्या का हिस्सा बन सकता है। अच्छी नींद के लिए नियमित समय-सारिणी, स्वस्थ आदतें और जरूरत पड़ने पर सही चिकित्सकीय सलाह भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।









