जनशताब्दी एक्सप्रेस से लापता जन सुराज के डिजिटल मैनेजर का शव मिला, झाड़ियों में मिली लाश से गहराया रहस्य
रांची से पटना जाते समय अचानक गायब हुए थे देवपालिक गुप्ता, मुरी स्टेशन से पहले पेंट्री कार की ओर जाने के बाद नहीं लौटे, अनगड़ा के बरवादाग के पास मिला शव, मौत की वजह तलाश रही पुलिस

रांची। झारखंड की राजधानी रांची से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव मंगलवार को अनगड़ा थाना क्षेत्र के बरवादाग के पास झाड़ियों से बरामद किया गया। वह सोमवार, 26 अक्टूबर को रांची से पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे, लेकिन यात्रा के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। एक दिन बाद उनका शव मिलने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल उनकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान अचानक हुए लापता
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी देवपालिक गुप्ता अपने साथियों के साथ सोमवार को रांची रेलवे स्टेशन से जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। उन्हें रांची से पटना जाना था। ट्रेन दोपहर करीब 2 बजकर 25 मिनट पर रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान दोपहर करीब तीन बजे, मुरी स्टेशन पहुंचने से पहले, देवपालिक पेंट्री कार की ओर गए थे। इसके बाद वह अपनी सीट पर वापस नहीं लौटे।
काफी देर तक जब उनका कोई पता नहीं चला तो साथियों ने फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद ट्रेन के अलग-अलग डिब्बों में उनकी तलाश की गई। साथियों ने रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की मदद भी ली, लेकिन उस समय देवपालिक का कोई सुराग नहीं मिल सका।
तलाश के बीच झाड़ियों में मिला शव
देवपालिक के लापता होने के बाद परिजनों और साथियों ने रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी तलाश के लिए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की ओर से प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच मंगलवार को रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के बरवादाग के पास झाड़ियों में एक शव मिलने की सूचना मिली।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पहचान के बाद शव देवपालिक गुप्ता का होने की पुष्टि हुई। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। इस घटना के बाद से परिजनों, साथियों और पार्टी से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।
तलाश में मदद के लिए घोषित किया गया था 10 हजार रुपये का इनाम
देवपालिक के लापता होने के बाद उनकी तलाश तेज करने के लिए अनगड़ा थाना प्रभारी गौतम रजवार ने उनके बारे में जानकारी देने या उन्हें ढूंढने में मदद करने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद सोमवार को उनका कोई पता नहीं चल सका। मंगलवार को शव मिलने के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र उनकी मौत की परिस्थितियां बन गई हैं।
हादसा या आपराधिक घटना, हर पहलू से जांच
पुलिस फिलहाल मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि देवपालिक ट्रेन से कैसे लापता हुए और बरवादाग के पास उनका शव किन परिस्थितियों में पहुंचा। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के अन्य पहलुओं पर भी काम किया जा रहा है।
देवपालिक की मौत दुर्घटना में हुई या इसके पीछे किसी आपराधिक घटना की भूमिका है, इस बारे में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
जन सुराज पार्टी से जुड़े थे देवपालिक गुप्ता
देवपालिक गुप्ता जन सुराज पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे। वह उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी थे और दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व छात्र बताए गए हैं। रांची से पटना की यात्रा के दौरान उनके अचानक लापता होने और फिर शव मिलने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। देवपालिक के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक की पूरी कड़ी जोड़ने और उनकी मौत की वजह का पता लगाने के लिए जांच एजेंसियां साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।









