Pregnant Journalist Case: राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 3 महीने की गर्भवती पत्रकार से कथित धक्का-मुक्की का मामला फिर चर्चा में

12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम से जुड़ी याचिका पर सुनवाई, गौरव भाटिया ने उठाया मुद्दा, अदालत ने मामले को मुख्य याचिका के साथ जोड़ने का निर्देश दिया

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट परिसर में तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य संबंधित पक्षों को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील और बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने महिला पत्रकार से जुड़ी याचिका का जिक्र किया। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि मामले में नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है।

अदालत ने याचिका को मुख्य मामले के साथ जोड़ने का निर्देश दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होनी है। नोटिस जारी होने का मतलब संबंधित पक्षों से जवाब मांगना है। महिला पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।

12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में क्या हुआ था

यह मामला 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम से जुड़ा है। उस दिन राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से संबंधित मुद्दों पर याचिका दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान परिसर में मौजूद पत्रकारों और नेताओं के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी।

वनइंडिया से जुड़ी पत्रकार ऋचा पराशर ने आरोप लगाया था कि रिपोर्टिंग के दौरान राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा और खींचा, जिसके बाद उनके सुरक्षा कर्मियों की ओर से कथित तौर पर धक्का दिए जाने से वह गिर गईं। पत्रकार ने दावा किया कि वह उस समय तीन महीने की गर्भवती थीं और घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया था। पार्टी नेताओं ने घटना के वीडियो और घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए थे। इसलिए मामले में आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। अदालत की ओर से अभी इस पूरे घटनाक्रम पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

गौरव भाटिया ने अदालत में उठाया मामला

सुनवाई के दौरान गौरव भाटिया ने महिला पत्रकार की याचिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मामला गंभीर है और इस पर सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने पहले भी अदालत के सामने इस घटना का मुद्दा उठाया था। उस समय पीठ ने कहा था कि केवल मौखिक जानकारी के आधार पर स्वतः संज्ञान नहीं लिया जा सकता और मामले पर विचार करने के लिए औपचारिक याचिका दाखिल की जानी चाहिए।

बाद में याचिका अदालत के समक्ष आई। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बताया कि संबंधित मामले में नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद अदालत ने याचिका को मुख्य मामले के साथ जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि संबंधित मुद्दों पर साथ में विचार किया जा सके।

3 नवंबर को अगली सुनवाई, जवाब पर रहेगी नजर

अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर को निर्धारित बताई गई है। राहुल गांधी और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाने के बाद उनका जवाब और अदालत के समक्ष रखे जाने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे। सुनवाई के दौरान याचिका में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के पक्ष पर विचार किया जा सकता है।

इस मामले में अदालत से घटना की जांच और संबंधित कार्रवाई को लेकर राहत मांगी गई है। फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो चुके हैं। मामले की वास्तविक स्थिति आगे की सुनवाई और अदालत के आदेशों से स्पष्ट होगी।

सुप्रीम कोर्ट परिसर में 12 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम को लेकर पहले से ही कई याचिकाएं विचाराधीन हैं। ऐसे में महिला पत्रकार से जुड़ी याचिका को मुख्य मामले के साथ जोड़ने का निर्देश इस पूरे विवाद की सुनवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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