बिहार में बाढ़ का खौफनाक तांडव! गंगा समेत 7 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा लोग पानी में घिरे; अगले 2 दिन और भारी

नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, कई जगह सड़कें डूबीं और गांवों का संपर्क टूटा; 1,429 नावें और NDRF-SDRF टीमें राहत-बचाव में जुटीं

पटना: बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच नदियों के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर हालात गंभीर कर दिए हैं। राज्य के 12 जिलों में बाढ़ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में रहने वाली करीब 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। कई इलाकों में पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

गंगा समेत 7 नदियां उफान पर

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राजधानी पटना में भी गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। गांधीघाट, पंडारक, दानापुर और बांका घाट समेत कई इलाकों में नदी का जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है।

12 जिलों में सबसे ज्यादा असर

बाढ़ से प्रभावित प्रमुख जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल शामिल हैं।

भागलपुर में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। NH-80 पर करीब दो फीट पानी बहने के कारण भागलपुर-अकबरनगर मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हो गया है।

वहीं मुंगेर में महाने नदी के उफान के कारण टेटिया बंबर प्रखंड के बरसंडा गांव के पास सड़क का डायवर्जन बह गया। इसके चलते आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

बाढ़ के पानी में डूबने से 5 लोगों की मौत

बाढ़ के बीच हादसों ने संकट को और गंभीर कर दिया है। सारण में एक महिला समेत दो लोगों, वैशाली में दो लोगों और खगड़िया सदर प्रखंड के रहीमपुर में एक बच्चे की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत की खबर है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

1,429 नावें और NDRF-SDRF की टीमें तैनात

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं।

लोगों के आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कुल 1,429 नावों का परिचालन किया जा रहा है। वहीं राहत शिविरों और 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों के जरिए करीब 2.5 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

अगले दो दिन और बढ़ सकती है परेशानी

बाढ़ के बीच मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी ने प्रशासन और लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

लगातार बारिश होने पर नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात और बिगड़ने की आशंका है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में जाने की अपील की है। आने वाले दो दिन बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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