फ्रिज से निकला ठंडा दूध पीना कहीं पड़ न जाए भारी? रात में पीने वालों को जानना चाहिए ये जरूरी बात, एक्सपर्ट्स की सलाह से समझें कौन सा दूध बेहतर
ठंडा, गर्म या कच्चा… दूध पीने का सही तरीका क्या है? जानिए किस समय ठंडा दूध लेना ठीक है और कच्चे दूध से क्यों बरतनी चाहिए सावधानी

नई दिल्ली: दूध को सेहतमंद डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक बड़ी संख्या में लोग रोजाना दूध का सेवन करते हैं। कोई गर्म दूध पीना पसंद करता है तो कोई फ्रिज में रखा ठंडा दूध। वहीं कुछ लोग कच्चा दूध पीने को भी ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। लेकिन सवाल यह है कि ठंडा, गर्म या कच्चा—इनमें से सेहत के लिए कौन सा दूध बेहतर है?
दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, दूध का तापमान और उसे सुरक्षित तरीके से पीना भी उतना ही जरूरी है।
क्या ठंडा दूध पीना फायदेमंद है?
ठंडा दूध पीना अपने आप में सभी लोगों के लिए नुकसानदायक नहीं है। कुछ लोगों को ठंडा दूध पीने से एसिडिटी या सीने में जलन जैसी समस्या में राहत महसूस हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है।
अगर ठंडा दूध पीने के बाद आपको पेट फूलना, गैस, पेट दर्द या किसी अन्य तरह की परेशानी होती है, तो इसका सेवन कम करना बेहतर हो सकता है।
रात में ठंडा दूध पीना चाहिए या नहीं?
कई लोग रात को सोने से पहले फ्रिज का ठंडा दूध पीते हैं। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि ठंडा दूध रात में पीने से हर व्यक्ति को सर्दी-जुकाम या बुखार हो जाएगा। लेकिन जिन लोगों को ठंडी चीजों से परेशानी होती है या दूध पीने के बाद कफ अथवा पेट संबंधी दिक्कत महसूस होती है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।
ऐसे लोग रात में हल्का गर्म दूध लेना पसंद कर सकते हैं। वहीं ठंडा दूध पीने से अगर आपको कोई परेशानी नहीं होती, तो सामान्य मात्रा में इसका सेवन किया जा सकता है।
कच्चा दूध पीना हो सकता है जोखिम भरा
ठंडे और गर्म दूध के बीच चुनाव से ज्यादा जरूरी बात दूध की सुरक्षा है। कच्चे यानी बिना पाश्चुरीकरण या बिना उबले दूध में हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। ऐसे में कच्चा दूध पीने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए दूध को सुरक्षित तरीके से लेना जरूरी है। पैकेट वाले पाश्चुरीकृत दूध के लिए पैकेट पर दिए निर्देशों का पालन करें और खुले या कच्चे दूध को अच्छी तरह गर्म करके ही सेवन करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
दूध पीने से शरीर को मिलते हैं कई पोषक तत्व
दूध कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकता है। इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने से हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य को जरूरी पोषण मिल सकता है। दूध में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा और अन्य आवश्यक पोषण देने में भी योगदान करते हैं।
हालांकि, दूध हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है और कुछ लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस या दूध से एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में अपनी जरूरत और शरीर की प्रतिक्रिया के अनुसार इसका सेवन करना चाहिए।
तो आखिर कौन सा दूध बेहतर?
अगर सवाल सिर्फ ठंडे या गर्म दूध का है, तो किसी एक को सभी लोगों के लिए सबसे बेहतर बताना सही नहीं होगा। दूध की पोषण संबंधी गुणवत्ता केवल उसके ठंडे या गर्म होने से तय नहीं होती। आपकी पसंद, पाचन क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार चुनाव किया जा सकता है।
सबसे जरूरी बात है कि कच्चे या असुरक्षित दूध से बचें और दूध को सुरक्षित तरीके से अपनी डाइट में शामिल करें। अगर दूध पीने के बाद लगातार पेट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है, तो डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।









