धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर ही संसद आइए… PM मोदी को खरगे की ‘आखिरी वार्निंग’, आधी रात के वीडियो पर सियासी विस्फोट

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद पर पीएम मोदी के वीडियो संदेश के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की, जबकि सोनिया गांधी ने भी सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर देशभर में जारी राजनीतिक घमासान अब और तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधी रात जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि संसद आने से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए।

“पहले धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए, फिर संसद आइए”

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो प्रधानमंत्री को संसद के भीतर बयान देना चाहिए, न कि देर रात वीडियो जारी कर एकतरफा संदेश देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले छात्रों से माफी मांगें, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं और प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। इसके बाद विपक्ष शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।

सोनिया गांधी का भी सरकार पर हमला

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देशभर के छात्र परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने संवाद की जगह दमन का रास्ता चुना।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने पूरे देश को झकझोर दिया। उनके मुताबिक, छात्रों की मांग केवल जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की है, जिसे गंभीरता से सुना जाना चाहिए था।

PM मोदी ने वीडियो में क्या कहा?

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कानून लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार इस मानसून सत्र में नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है और करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा कराकर उनका शैक्षणिक वर्ष बचाने का प्रयास किया गया।

सियासी टकराव और तेज होने के संकेत

प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर लगातार हमले तेज कर दिए हैं। वहीं केंद्र सरकार पेपर लीक के खिलाफ नए कानून और फास्ट-ट्रैक व्यवस्था की बात कर रही है। ऐसे में अब सभी की नजर संसद में होने वाली बहस और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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