भगवा पहनकर संसद में प्रदर्शन के विवाद ने पकड़ा तूल, लखनऊ में नारेबाजी, तस्वीरों पर चप्पलें और भड़काऊ बयान से बढ़ा विवाद

पप्पू यादव के खिलाफ फूटा गुस्सा! शवयात्रा निकली, 51 लाख के इनाम का ऐलान… लखनऊ में सनातन संगठनों का उग्र प्रदर्शन

लखनऊ: संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर किए गए प्रदर्शन का विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। शनिवार को लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली, जमकर नारेबाजी की और उनके साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरों पर चप्पल मारकर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान “पप्पू यादव मुर्दाबाद”, “सनातन से मत टकराओ” और “होश में आओ” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर भगवा वस्त्र पहनकर राजनीतिक प्रदर्शन करना सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान है।

भगवा को बताया सनातन आस्था का प्रतीक

सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि भगवा कोई राजनीतिक पोशाक नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उनके अनुसार, इसे राजनीतिक विरोध के लिए इस्तेमाल करना करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे की आड़ में सनातन परंपरा को निशाना बनाया गया।

51 लाख के इनाम वाले बयान से बढ़ा विवाद

प्रदर्शन के दौरान अनुरोध राय ने एक बेहद विवादित और भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि जो व्यक्ति पप्पू यादव का सिर काटकर लाएगा, उसे 51 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद और गहरा सकता है।

अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर भी लगाए आरोप

प्रदर्शन के दौरान अनुरोध राय ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में हुआ प्रदर्शन विपक्षी नेताओं के इशारे पर किया गया और इसका उद्देश्य राम मंदिर के मुद्दे की आड़ में सनातन आस्था का अपमान करना था।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संत समाज ने भी जताई नाराजगी

इस विवाद को लेकर कई संतों और धार्मिक संगठनों ने भी पहले नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक विरोध के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कुछ संतों ने विपक्षी नेताओं की मंशा पर सवाल उठाते हुए इस पूरे घटनाक्रम की आलोचना की।

क्या है पूरा मामला?

पूरा विवाद संसद परिसर में हुए उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया था। उस समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के कुछ अन्य नेता भी वहां मौजूद थे। इसी प्रदर्शन के बाद विभिन्न धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और अब यह विवाद सड़क तक पहुंच गया है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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