धनबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई! डेढ़ करोड़ के फर्जी लॉटरी टिकट का खेल बेनकाब! बंद BCCL क्वार्टर में चल रही थी गुप्त प्रिंटिंग प्रेस, एक गिरफ्तार
9 प्रिंटर, हाई-स्पीड मशीनें और लाखों की सामग्री जब्त; कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

धनबाद: झारखंड के धनबाद में पुलिस ने फर्जी लॉटरी टिकट छापने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चिरकुंडा थाना क्षेत्र के बाबुडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के बंद पड़े जर्जर क्वार्टर में चल रही अवैध मिनी प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी कर पुलिस ने करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के कथित फर्जी लॉटरी टिकट और भारी मात्रा में प्रिंटिंग उपकरण जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए।
बंद क्वार्टर में चल रहा था फर्जी टिकट का धंधा
ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में विभिन्न कंपनियों के अलग-अलग मूल्य वर्ग के 95 बंडल कथित फर्जी लॉटरी टिकट बरामद किए गए।
इसके अलावा मौके से 9 प्रिंटर, 2 हाई-स्पीड जेरॉक्स मशीन, पेपर कटर, स्टेपलर, इन्वर्टर, बैटरी, स्टेबलाइजर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और एक बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि यह गिरोह केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी कथित फर्जी लॉटरी टिकटों की आपूर्ति करता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसके आर्थिक लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
एक गिरफ्तार, कई आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में सावलापुर (कालूबथान) निवासी स्वरूप मल्लिक को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर प्रकाश सिंह, भानु प्रताप सिंह, जय सिंह उर्फ पिंटा उर्फ भगत सिंह, पिठरकियारी निवासी नन्हकू सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी लॉटरी टिकट छापने और विभिन्न राज्यों में सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
हालांकि, पुलिस के अनुसार अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह के कथित सरगना प्रकाश सिंह और जय सिंह उर्फ पिंटा के खिलाफ झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चिरकुंडा थाना में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क, इसके वित्तीय स्रोतों और अन्य संभावित सहयोगियों की जांच जारी है।









