Delhi Satya Niketan incident: विचलित कर सकतीं हैं ये 12 तस्वीरें…हर बीतता सेकेंड बढ़ा रहा रेस्क्यू की चुनौती…मलबे में जिंदगी की तलाश जारी…

छात्रों के PG के तौर पर इस्तेमाल होती थी इमारत, NDRF समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं; संकरी गलियों ने बढ़ाई चुनौती

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। छात्रों के PG के तौर पर इस्तेमाल की जा रही करीब पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के प्रमुख हिस्सों के पास स्थित है। यहां बड़ी संख्या में छात्रावास, PG और भोजनालय हैं। संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियों के कारण राहत एवं बचाव टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में भी चुनौती का सामना करना पड़ा।

दोपहर 1.30 बजे के आसपास हुआ हादसा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ढही हुई इमारत करीब 20 साल पुरानी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। करीब दोपहर 1.30 बजे अचानक इमारत ढह गई और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोपहर 1:34 बजे साउथ कैंपस थाने में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना PCR को मिली थी।

मलबे में कितने लोग फंसे हैं, अभी साफ नहीं

पुलिस के मुताबिक, मलबे में फंसे या घायल लोगों की सटीक संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है। अब तक कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

घटनास्थल पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने 20 से ज्यादा लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई है, लेकिन इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

AIIMS में 5 घायल पहुंचे, दो की हालत गंभीर

AIIMS से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में पांच घायलों को लाया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया।

रेस्क्यू अभियान के दौरान एक बचावकर्मी को भी अस्पताल ले जाया गया था। उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

NDRF समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, CAT एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा NDRF की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही है।

स्थानीय लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में मदद की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआती समय में लोगों ने हाथों और उपलब्ध औजारों की मदद से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को तलाशने की कोशिश की।

संकरी गलियों ने बढ़ाई रेस्क्यू टीमों की मुश्किल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस इलाके में हादसा हुआ, वहां की गलियां काफी संकरी और भीड़भाड़ वाली हैं। ऐसे में बचाव वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, PG आमतौर पर छात्रों से भरा रहता था। इसी वजह से मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

इमारत मालिक की तलाश में पुलिस की कई टीमें

पुलिस ने ढही हुई इमारत के मालिक की पहचान कर ली है। उसे पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इमारत को स्थानीय स्तर पर ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था।

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हर गुजरते मिनट के साथ रेस्क्यू अभियान की चुनौती बढ़ रही है और NDRF समेत तमाम टीमें मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश में जुटी हैं।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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