दिल्ली में दशहरा समारोह के दौरान पीएम मोदी की सुरक्षा का अभेद्य घेरा, 2,500 जवानों की तैनाती; ड्रोन से निगरानी और चप्पे-चप्पे पर कमांडो रहेंगे मुस्तैद
पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित उत्सव ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय घेरा तैयार, प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच और ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की तैयारी।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दशहरा समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 20 अक्टूबर की शाम पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित उत्सव ग्राउंड में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री की मौजूदगी और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे कार्यक्रम स्थल पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा रहेगा, जबकि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस के करीब 2,500 जवानों की तैनाती की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान रावण दहन देखने के लिए लगभग 10,000 लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। भीड़ को नियंत्रित करने, प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट रहेंगी। कार्यक्रम स्थल के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव और कुछ मार्गों पर पाबंदियां भी लागू की जाएंगी।
तीन स्तरों पर होगी प्रधानमंत्री की सुरक्षा
अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए तीन अलग-अलग घेरे बनाए गए हैं। सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी संभालेगा। दूसरे घेरे में दिल्ली पुलिस की प्रधानमंत्री सुरक्षा विंग के जवान और कमांडो तैनात रहेंगे, जबकि बाहरी सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस के पास होगी।
सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के तहत काम करने वाली स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स यानी स्वाट टीम के कमांडो भी शामिल होंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह तैनाती संभावित सुरक्षा खतरों के साथ-साथ कार्यक्रम के दौरान विरोध-प्रदर्शन या किसी अन्य व्यवधान की आशंका को ध्यान में रखकर की गई है।
बिना वैध पास के नहीं मिलेगी एंट्री
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में प्रवेश को लेकर भी सख्त नियम लागू रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री के शाम करीब 6:30 बजे मैदान में पहुंचने के दौरान केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास आयोजकों की ओर से जारी वैध एंट्री पास होंगे। प्रवेश द्वारों पर आने वाले लोगों की अनिवार्य तलाशी ली जाएगी।
कार्यक्रम स्थल के सभी प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाने के लिए एंटी-सबोटेज जांच भी की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, एसपीजी ने कार्यक्रम स्थल को अपने सुरक्षा नियंत्रण में ले लिया है।
ड्रोन से निगरानी, ऊंची इमारतों पर विशेष टीमें तैनात
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए केवल मैदान के भीतर ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। ईस्ट दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के अनुसार, आईपी एक्सटेंशन मैदान और उनके अधिकार क्षेत्र में होने वाले अन्य दशहरा कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा तथा यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कार्यक्रम स्थल के ऊपर ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है। प्रधानमंत्री के काफिले के संभावित मार्ग और आसपास की ऊंची इमारतों की जांच कर उन्हें सुरक्षित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, संभावित खतरे को रोकने के लिए रणनीतिक स्थानों पर इमारतों की छतों पर विशेष सुरक्षा टीमें भी तैनात की गई हैं।
दशहरा कार्यक्रम के कारण ट्रैफिक में हो सकता है बदलाव
प्रधानमंत्री के दौरे और रावण दहन कार्यक्रम को देखते हुए आईपी एक्सटेंशन और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन और कुछ मार्गों पर प्रतिबंध लागू किए जाएंगे, ताकि भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।
ऐसे में कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों को पुलिस के यातायात निर्देशों का पालन करने और अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी जाती है। सुरक्षा एजेंसियों का जोर इस बात पर है कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।









