पतरातू में सिक्योरिटी गार्ड की फायरिंग से मचा हड़कंप, होटल में चाय-नाश्ता कर रहे 2 युवकों को लगे छर्रे; आरोपी गिरफ्तार, बंदूक और गोलियां जब्त

रामगढ़ के पीवीयूएनएल पावर प्लांट के लिए संचालित मटेरियल स्टॉक यार्ड के पास हुई घटना। सुरक्षा गार्ड ने 50 से 60 संदिग्धों के घुसने और जवाबी फायरिंग का दावा किया, लेकिन पुलिस जांच में सामने आएंगे पूरे तथ्य।

पतरातू। झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू में फायरिंग की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पीवीयूएनएल पावर प्लांट के लिए बीएचईएल के अधीन संचालित मटेरियल स्टॉक यार्ड के पास सोमवार देर शाम गोली चलने से सड़क किनारे एक होटल में चाय-नाश्ता कर रहे दो युवक छर्रे लगने से घायल हो गए। घटना खैरा मांझी रोड पर मैक्स हॉस्पिटल के सामने हुई। पुलिस ने फायरिंग के आरोप में सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। उसके पास से बंदूक और गोलियां भी जब्त की गई हैं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। सार्वजनिक सड़क के पास फायरिंग होने और आम लोगों के घायल होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

होटल में बैठे युवकों को लगे छर्रे, इलाके में मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, सोमवार देर शाम स्टॉक यार्ड के पास गोली चलने की घटना हुई। इसकी चपेट में आकर जयनगर निवासी महताब आलम, पिता ईयासीन अंसारी, और जानिसार आलम, पिता मो. मुख्तार आलम, घायल हो गए। दोनों युवक सड़क किनारे स्थित एक होटल में बैठकर चाय-नाश्ता कर रहे थे।

अचानक हुई फायरिंग से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थान के नजदीक गोली चलने और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए। हालांकि, दोनों युवकों को छर्रे किन परिस्थितियों में लगे, इसकी पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

50 से 60 संदिग्धों के घुसने की सूचना मिलने का दावा

सुरक्षा गार्ड के अनुसार, स्टॉक यार्ड में 50 से 60 संदिग्ध लोगों के घुसने की सूचना मिली थी। गार्डों ने दावा किया कि संदिग्ध चोरी की नीयत से यार्ड में दाखिल हुए थे और उन्हें भगाने के लिए हवाई फायरिंग की गई।

गार्डों की ओर से यह भी दावा किया गया कि संदिग्धों की तरफ से चार से पांच राउंड गोलियां चलाई गई थीं, जिसके बाद जवाब में फायरिंग की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वास्तव में यार्ड में क्या हुआ था और फायरिंग किन परिस्थितियों में की गई।

हवाई फायरिंग के दावे के बीच उठे सवाल

इस घटना में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि सुरक्षा गार्ड का दावा है कि फायरिंग संदिग्धों को भगाने के लिए की गई थी, तो सड़क किनारे होटल में बैठे दोनों युवक इसकी चपेट में कैसे आ गए। क्या फायरिंग के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था और किस दिशा में गोली चलाई गई थी, इन पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है।

फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही घटना का वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।

आरोपी सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार, हथियार और गोलियां जब्त

घटना की सूचना मिलने के बाद पतरातू पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने फायरिंग के आरोप में सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र यादव, पिता रामाशीष यादव, निवासी कोतो, प्रखंड पतरातू, को गिरफ्तार कर लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपी के पास से बंदूक और गोलियां भी जब्त की हैं। अब जांच में फायरिंग की परिस्थितियों, हथियार के इस्तेमाल और दोनों युवकों के घायल होने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

मेसर्स मनोज कुमार सिक्योरिटी एजेंसी के जिम्मे है सुरक्षा

बताया जाता है कि करीब 42 एकड़ में फैले मटेरियल स्टॉक यार्ड की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएचईएल के अधीन कार्यरत मेसर्स मनोज कुमार सिक्योरिटी एजेंसी के पास है। यह यार्ड पीवीयूएनएल पावर प्लांट के लिए संचालित किया जाता है।

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों के आसपास हथियारों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि फायरिंग किस परिस्थिति में हुई, गार्ड के दावों में कितनी सच्चाई है और दोनों युवक इसकी चपेट में कैसे आए।

 

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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