दीपावली से पहले मिठाई के नाम पर जहर बेचने वालों पर बड़ी कार्रवाई! चिरकुंडा में 2500 किलो मिठाई जब्त कर नष्ट, जांच में मिला प्रतिबंधित रंग
धनबाद के चिरकुंडा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तीन मिठाई निर्माण केंद्रों पर छापेमारी की। सड़क किनारे टेंट लगाकर बनाई जा रही मिठाइयों में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल मिला, वहीं केंद्रों के पास खाद्य सुरक्षा लाइसेंस भी नहीं था।

धनबाद। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। इसी बीच कुछ कारोबारी लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए धनबाद जिले के चिरकुंडा में बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को विभाग की टीम ने तीन मिठाई निर्माण केंद्रों पर छापेमारी कर करीब 2500 किलो मिठाइयां जब्त कीं और उन्हें नष्ट करा दिया। जांच के दौरान मिठाइयों में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई।
जानकारी के मुताबिक, चिरकुंडा में सड़क किनारे टेंट लगाकर मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण प्रक्रिया और मिठाइयों की जांच की। इस दौरान लड्डू, बूंदी, काजू बर्फी समेत कई तरह की मिठाइयां मिलीं। जांच में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद विभाग ने करीब 2500 किलो मिठाइयों को जब्त कर नष्ट करा दिया।
तीन मिठाई निर्माण केंद्रों पर एक साथ छापेमारी
यह कार्रवाई फूड इंस्पेक्टर डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में की गई। करीब दो दर्जन सदस्यों वाली टीम ने चिरकुंडा में बाबूलाल शर्मा, दामोदर महाराज और गोपाल मंडल के मिठाई निर्माण केंद्रों पर छापा मारा। टीम ने मिठाइयों की गुणवत्ता और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच की।
जांच के दौरान तीनों निर्माण केंद्रों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की बात सामने आई। इसके अलावा संबंधित केंद्रों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस भी नहीं मिला। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने मिठाइयों के खिलाफ कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में तैयार माल नष्ट करा दिया।
त्योहार को देखते हुए लगातार चल रहा जांच अभियान
फूड इंस्पेक्टर डॉ. राजा कुमार ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। बाजारों और मिठाई निर्माण केंद्रों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री न बेची जा सके।
उन्होंने बताया कि चिरकुंडा में जांच के दौरान तीन मिठाई निर्माण केंद्रों में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल पाया गया। साथ ही वहां खाद्य सुरक्षा लाइसेंस भी नहीं था। इसी आधार पर विभाग ने करीब 2500 किलो मिठाइयां जब्त कर नष्ट कराईं।
कार्रवाई के बाद मिठाई कारोबारियों में हड़कंप
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के मिठाई कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, दीपावली के मौके पर बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर ग्राहकों की चिंता भी बढ़ गई है। त्योहार के दौरान मिठाइयों की खरीदारी करते समय लोगों को साफ-सफाई, गुणवत्ता और विश्वसनीय दुकानों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
विभाग की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहा है कि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जांच अभियान जारी रहेगा।









