Drug Money Laundering: ड्रग्स के पैसों का खुलने लगा काला राज! 4 राज्यों में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी, हवाला से लेकर प्रॉपर्टी तक खंगाली जा रही कड़ियां
तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में PMLA के तहत कार्रवाई; जांच एजेंसी को ड्रग्स की कमाई से कैश, सोना, प्रॉपर्टी और कारोबार में निवेश के सुराग मिलने का दावा

नई दिल्ली। दक्षिण भारत में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अब इसकी कमाई के मनी ट्रेल पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है। ED ने PMLA के तहत तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है।
जांच एजेंसी को शक है कि ड्रग्स की तस्करी से हासिल रकम को हवाला, बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट के जरिए इधर-उधर किया गया। इतना ही नहीं, जांच में इस पैसे से प्रॉपर्टी, वाहन, सोना और दूसरे कारोबार में निवेश किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
तमिलनाडु में ड्रग्स नेटवर्क की परतें खुलीं
तमिलनाडु में NCB की अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद किया गया था। एक मामले में करीब 1.470 किलो मेथामफेटामाइन जब्त हुआ। जांच के दौरान ड्रग्स की बिक्री से मिले पैसों को हवाला के जरिए श्रीलंका भेजे जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
चेन्नई के एक ठिकाने से करीब 1.29 करोड़ रुपये की भारतीय करेंसी, 30 हजार अमेरिकी डॉलर और श्रीलंकाई मुद्रा भी बरामद की गई थी।
एक अन्य मामले में चेन्नई के पास करीब 5.970 किलो मेथामफेटामाइन बरामद हुआ। जांच में हवाला के जरिए ड्रग्स के पैसों के लेन-देन का शक सामने आया। इस कार्रवाई में करीब 39.38 लाख रुपये नकद, 586 ग्राम सोना और 1 किलो चांदी जब्त किए जाने की जानकारी है।
वहीं, एक बड़े मामले में NCB ने करीब 54.600 किलो मेथामफेटामाइन बरामद किया था। ED की जांच में आरोप है कि ड्रग्स से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया। इसी मामले से जुड़े चेन्नई के 6 ठिकानों पर PMLA के तहत तलाशी चल रही है।
ड्रग्स की कमाई से 54 झींगा फार्म खरीदने का आरोप
तमिलनाडु के एक अन्य मामले में M. Alex के पास से करीब 950 ग्राम मेथामफेटामाइन, 2 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई थी।
जांच एजेंसी को शक है कि ड्रग्स से हासिल रकम का इस्तेमाल परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के नाम पर किया गया। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि नागपट्टिनम, वेलंकन्नी और थलियामाडी इलाके में ड्रग्स की कमाई से करीब 54 झींगा फार्म और कई वाहन खरीदे गए।
इस मामले में भी 6 ठिकानों पर तलाशी जारी है।
कर्नाटक में बैंक खातों से करोड़ों का हिसाब तलाश रही ED
कर्नाटक में जांच एक ऐसे आरोपी से जुड़े मामले में आगे बढ़ रही है, जिसके खिलाफ कई NDPS मामले दर्ज हैं। वित्तीय जांच में आरोपी और उसकी पत्नी के 6 बैंक खातों में 5.15 करोड़ रुपये से ज्यादा का क्रेडिट मिलने की बात सामने आई है।
इन खातों में करीब 2.39 करोड़ रुपये नकद जमा किए जाने का भी पता चला है। इसके अलावा करीब 57 लाख रुपये के संदिग्ध UPI लेन-देन और 8 प्रॉपर्टी का भी पता चलने का दावा है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रॉपर्टी खरीदने से पहले बैंक खातों में नकदी जमा की जाती थी और बाद में बैंकिंग चैनल के जरिए भुगतान किया जाता था। इस मामले में कर्नाटक के कोलार जिले के तीन ठिकानों पर PMLA के तहत तलाशी जारी है।
तेलंगाना में 53.5 किलो गांजा और लाखों की नकदी
तेलंगाना में एक परिवार से जुड़े कथित ड्रग्स सिंडिकेट की वित्तीय गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस की तीन कार्रवाइयों में करीब 53.5 किलो गांजा और 67.35 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई थी।
जांच के मुताबिक, गांजा खरीदकर उसे छोटे पैकेटों में तैयार किया जाता था और फिर हैदराबाद के आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
एजेंसी को 2021 से 2023 के बीच आरोपी के नाम पर खरीदी गई करीब 86.78 लाख रुपये की तीन प्रॉपर्टी का भी पता चला है। जांच एजेंसी को शक है कि इन संपत्तियों की खरीद में ड्रग्स से हासिल रकम का इस्तेमाल किया गया।
केरल में बैंकॉक से आने वाले हाइब्रिड गांजे की सप्लाई का आरोप
केरल में एक आरोपी के पास से करीब 1.166 किलो हाइब्रिड गांजा बरामद होने के बाद जांच आगे बढ़ी। इसके बाद उसके घर से करीब 15 किलो और गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ और जांच में कथित तौर पर एक बड़े नेटवर्क का पता चला। एजेंसी के अनुसार, बैंकॉक से हाइब्रिड गांजा लाकर कैरियर के जरिए कोच्चि पहुंचाया जाता था। इसके बाद इसे अलग-अलग लोगों तक पहुंचाकर स्थानीय बाजार में सप्लाई किए जाने का आरोप है।
जांच में हवाला और ड्रग्स की बिक्री से प्राप्त रकम के प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। इस नेटवर्क से जुड़े चार ठिकानों पर तलाशी जारी है।
केरल में MDMA तस्करी की रकम का भी हिसाब
एक अन्य मामले में मस्कट से भारत पहुंचे आरोपी के पास से करीब 949 ग्राम MDMA बरामद किया गया था। जांच के अनुसार, इस ड्रग्स को भारत में स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया जाना था।
इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। अब PMLA के तहत जांच में ड्रग्स से कमाए गए पैसों, बैंक खातों, प्रॉपर्टी और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
हवाला से प्रॉपर्टी तक, ED तलाश रही है पूरा मनी ट्रेल
ED की कार्रवाई का सबसे बड़ा फोकस ड्रग्स की कमाई के पूरे मनी ट्रेल का पता लगाना है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि तस्करी से हासिल पैसा कहां जमा किया गया, किन लोगों तक पहुंचा, हवाला के जरिए कहां भेजा गया और उससे कौन-कौन सी चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
तलाशी के दौरान बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, डिजिटल पेमेंट से जुड़े दस्तावेज, प्रॉपर्टी के कागजात, नकदी, जेवर और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
ED की जांच आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में ड्रग्स तस्करी से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की संपत्तियों को लेकर और खुलासे होने की संभावना है।









