Varanasi Floods: गंगा का रौद्र रूप देख PM मोदी ने लिया वाराणसी का हाल! मेयर-DM से फोन पर बात, घाटों से लेकर गलियों तक पानी

गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर 70.54 मीटर पहुंचा; नावों के संचालन पर रोक, 13 राहत शिविरों में सैकड़ों लोग शरण लेने को मजबूर

 

वाराणसी। वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात को गंभीर बना दिया है। लगातार बढ़ रहे पानी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को कम से कम परेशानी हो और जरूरी राहत सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

चेतावनी स्तर पार कर चुकी है गंगा

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.262 मीटर के चेतावनी बिंदु को पार कर 70.54 मीटर तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर अब 71.262 मीटर के खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है।

गंगा में तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी प्रकार की नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। साथ ही संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

घाटों और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहें

प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से गंगा के घाटों तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, गंगा और वरुणा दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

वरुणा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में भी पानी बढ़ने से बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर प्रशासन विशेष निगरानी कर रहा है।

अस्सी से मणिकर्णिका तक पानी का असर

गंगा का पानी तटीय इलाकों में प्रवेश कर चुका है। अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट जैसे प्रमुख घाट भी पानी की चपेट में आ गए हैं।

मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लोगों को ऊंचे स्थानों और आसपास की ऊंची गलियों का सहारा लेना पड़ रहा है। घाटों के डूबने के कारण गंगा आरती का स्थान भी बदलकर ऊपरी हिस्सों में किया जा रहा है।

13 राहत शिविरों में पहुंचाए गए सैकड़ों लोग

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर के निचले इलाकों के 11 वार्डों में राहत एवं बचाव अभियान तेज किया है। प्रशासन की ओर से 13 राहत शिविर बनाए गए हैं।

इन शिविरों में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुधवार तक राहत शिविरों में 219 परिवारों के 935 लोग रह रहे थे।

NDRF और जल पुलिस की बढ़ी निगरानी

प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF, जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सक्रिय किया गया है। टीमों को लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करने और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

राहत शिविरों में लोगों की जरूरतों को देखते हुए भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा जांच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव और सुरक्षा व्यवस्था के लिए CCTV कैमरों की भी व्यवस्था की गई है।

PMO की भी हालात पर नजर

वाराणसी में गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर के बीच स्थानीय प्रशासन के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

फिलहाल वाराणसी में गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

 

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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