दूध-डेयरी कारोबार पर FDA का बड़ा शिकंजा! 3 महीने में 404 लाइसेंस सस्पेंड, 5.4 करोड़ का माल जब्त… 867 गिरफ्तारियों से मचा हड़कंप
महाराष्ट्र में जून से अगस्त तक चला विशेष अभियान; 9,485 प्रतिष्ठानों की जांच, 4,321 सुधार नोटिस जारी, दूध से लेकर मिठाई और मसालों तक कई खाद्य पदार्थ जांच के दायरे में

मुंबई। महाराष्ट्र में असुरक्षित और नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जून से अगस्त के बीच तीन महीने तक चले विशेष अभियान में 404 खाद्य लाइसेंस निलंबित किए और करीब 5.4 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किया।
FDA ने बताया कि अभियान के दौरान दूध, डेयरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों से जुड़े कुल 9,485 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। नियमों में खामियां मिलने पर 4,321 सुधार नोटिस भी जारी किए गए।
867 गिरफ्तारियां, कई खाद्य पदार्थ जांच के घेरे में
FDA के मुताबिक प्रतिबंधित और नियमों के विपरीत पाए गए खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पूरे महाराष्ट्र में 867 गिरफ्तारियां हुईं।
अभियान केवल दूध और डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं रहा। कार्रवाई के दायरे में खाना पकाने का तेल, आम, मिठाइयां, खोया, बेकरी उत्पाद, कैंडी, गुड़, घी, खजूर, आइसक्रीम-कुल्फी, फ्रोजन डेजर्ट, मसाले, सुपारी और ताड़ी समेत कई खाद्य पदार्थ शामिल रहे।
पुणे में सबसे ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच
FDA के आंकड़ों के मुताबिक अभियान के दौरान सबसे ज्यादा जांच पुणे डिवीजन में हुई। यहां 4,261 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में हुई जांच का आंकड़ा इस प्रकार रहा—
- कोंकण: 3,142 प्रतिष्ठान
- ग्रेटर मुंबई: 1,451 प्रतिष्ठान
- नासिक: 1,356 प्रतिष्ठान
- छत्रपति संभाजीनगर: 1,173 प्रतिष्ठान
- अमरावती: 989 प्रतिष्ठान
- नागपुर: 711 प्रतिष्ठान
दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता पर खास नजर
FDA का यह विशेष अभियान मुख्य रूप से दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया था। विभाग ने खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच के साथ नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की।
FDA ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
तीन महीने के अभियान में सामने आए ये आंकड़े बताते हैं कि खाद्य सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र में प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। अब देखना होगा कि निलंबित लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।








