शिक्षकों पर बड़ी गाज की तैयारी ! 16 स्कूलों में एक दिन भी नहीं लगी छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी, 258 शिक्षक स्कूल के बाहर से हाजिर; 73 ने दर्ज नहीं की उपस्थिति
स्कूलों की लापरवाही पर प्रशासन सख्त हो गया है। 1400 से अधिक मामलों में कार्रवाई की तैयारी, 16 स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति तक नहीं मिली।

Jharkhand Teacher News। शिक्षकों से जुड़ी बड़ी गड़बड़ियां उजागर हुई।1400 से अधिक मामलों में शिक्षकों पर जवाबदेही तय करने की तैयारी है।दरअसल झारखंड के गुमला जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति, छात्र प्रोफाइल अपडेट, शैक्षणिक गतिविधियों और विभागीय रिकॉर्ड में मिली बड़ी खामियों के बाद अब जिम्मेदार शिक्षकों और कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी है। जिले में 1400 से अधिक मामलों में अनियमितताएं सामने आने के बाद जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन और जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों की कार्यप्रणाली में लापरवाही अब गंभीर प्रशासनिक मामला मानी जाएगी। दोषी पाए जाने वालों से जवाब-तलब के साथ वेतन या मानदेय संबंधी कार्रवाई भी की जा सकती है।
73 शिक्षकों ने नहीं बनाई ऑनलाइन उपस्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 73 शिक्षकों ने पूरे जुलाई महीने में एक भी दिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की। वहीं, 208 शिक्षकों ने स्कूल पहुंचने के समय उपस्थिति दर्ज की, लेकिन छुट्टी के समय आउट टाइम दर्ज नहीं किया।इसके अलावा 258 शिक्षकों द्वारा विद्यालय परिसर के बजाय दूसरे स्थानों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज किए जाने का मामला भी सामने आया है। प्रशासन ने इसे नियमों के उल्लंघन और गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखा है।
जुलाई की रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
जिले के स्कूलों से प्राप्त जुलाई माह के आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 16 विद्यालय ऐसे मिले, जहां पूरे महीने विद्यार्थियों की एक भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की गई।वहीं, 73 शिक्षक ऐसे पाए गए जिन्होंने जुलाई में एक दिन भी अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की।
इसके अलावा 208 शिक्षकों ने स्कूल पहुंचने की उपस्थिति तो दर्ज की, लेकिन स्कूल से जाने के समय आउट टाइम नहीं लगाया।सबसे गंभीर मामलों में 258 शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति विद्यालय परिसर के बजाय अन्य स्थानों से दर्ज होने की बात सामने आई है। अब इन मामलों की जांच कर संबंधित कर्मियों से जवाब मांगा जाएगा।
824 स्कूलों में अधूरा मिला छात्रों का रिकॉर्ड
गुमला जिले में कुल 1784 विद्यालय संचालित हैं। समीक्षा के दौरान इनमें से केवल 960 विद्यालयों का छात्र प्रोफाइल पूरी तरह अपडेट पाया गया। यानी 824 स्कूलों में विद्यार्थियों से जुड़ी जानकारी अधूरी है।प्रशासन ने इस स्थिति को सुधारने के लिए संबंधित विद्यालयों को निर्देशित किया है। छात्र प्रोफाइल के अलावा आधार, अपार, यू-डायस और अन्य विभागीय कार्यों की भी नियमित निगरानी होगी।
माध्यमिक विद्यालयों में भी सामने आई लापरवाही
सरकारी माध्यमिक स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा में भी कमी मिली है। जिले के 114 विद्यालयों में से केवल 76 स्कूलों ने रेल टेस्ट कराकर विद्यार्थियों का परिणाम ऑनलाइन अपडेट किया।कुछ पीएमश्री, उत्कृष्ट और प्रखंड आदर्श विद्यालयों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन ने ऐसे स्कूलों को जल्द आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
सिर्फ शिक्षक नहीं, निगरानी करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि कार्रवाई केवल स्कूलों के शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने वाले संकुल और प्रखंड स्तर के अधिकारी भी जवाबदेही के दायरे में होंगे।झारखंड शिक्षा परियोजना के एमआईएस प्रभारी को निर्देशों के अनुपालन और लापरवाही से जुड़े मामलों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वेतन और मानदेय पर पड़ सकता है असर
जिन शिक्षकों और कर्मियों के खिलाफ गंभीर अनियमितता पाई जाएगी, उनसे पहले स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर विभागीय नियमों के तहत वेतन या मानदेय स्थगित करने समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है।प्रशासन के इस फैसले से साफ है कि अब ई-विद्यावाहिनी पर उपस्थिति दर्ज करने से लेकर स्कूलों के ऑनलाइन रिकॉर्ड तक हर स्तर पर नियमित जांच होगी।
दो करोड़ से अधिक की राशि की भी होगी वसूली
बैठक में लंबे समय से समायोजित नहीं की गई राशि का मामला भी सामने आया। दो करोड़ रुपये से अधिक की असमायोजित राशि की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रमाण-पत्र वाद दायर किया जाएगा।
पिछड़े प्रखंडों को मिली चेतावनी
शैक्षणिक सूचकांकों में कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को भी प्रशासन ने चेताया है। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, बच्चों की दैनिक उपस्थिति और एसएमएस रिपोर्ट जैसे मामलों में सुधार लाने को कहा गया है।अगली समीक्षा बैठक से करीब 10 दिन पहले सभी प्रखंडों के साथ रिपोर्ट साझा की जाएगी। इसके बाद जिन क्षेत्रों में सुधार नहीं होगा, वहां आगे की कार्रवाई की जा सकती है।









